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Deoria News: जिला चिकित्सालय के निष्प्रयोज्य 25 भवन होंगे ध्वस्त

Mon, 09 Sep 2024 04:52 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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देवरिया मेडिकल कॉलेज में जिला अस्पताल का पुराना भवन।
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देवरिया। महर्षि देवरहा बाबा स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय परिसर में अब नए भवनों का निर्माण होगा। इसके लिए जिला चिकित्सालय के परिसर के निष्प्रयोज्य 25 भवनों का ध्वस्त किया जाएगा। इसके लिए शासन से आदेश मिल गया है। जल्द पैनल बनाकर पुराने भवनों के ध्वस्तीकरण के लिए टेंडर सहित अन्य प्रक्रिया की जाएगी। इसके बाद इन स्थानों पर अस्पताल, हाॅस्टल, नर्सिंग कॉलेज आदि का निर्माण कराया जाएगा, जिससे पठन-पाठन के कार्य में आसानी होगी और मरीजों को सहूलियत मिलेगी।
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फेज-2 के अंतर्गत जिला चिकित्सालय को उच्चीकृत कर स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के निर्माण के लिए जिला चिकित्सालय के परिसर के निष्प्रयोज्य 25 भवनों के ध्वस्तीकरण की लागत 10.12 करोड़ आंकी गई है। ध्वस्तीकरण के बाद 9.70 करोड़ रुपये को नियमानुसार बट्टे खाते में डाला जाएगा। शेष राशि 42 लाख रुपये राजकोष में जमा करना होगा। ध्वस्तीकरण के लिए कुछ शर्तों का पालन करना होगा। कार्यस्थल पर कोई अन्य संरचना का निर्माण प्रस्तावित नहीं है तो ध्वस्तीकरण से प्राप्त सामग्री (मलबा आदि) की नीलामी प्रतिस्पर्धात्मक निविदाओं के आधार पर की जाएगी और इससे प्राप्त धनराशि को राजकोष में जमा किया जाएगा।
प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा के पत्र के अनुसार लोक निर्माण अनुभाग-5 के शासनादेश के अनुसार ध्वस्तीकरण के बाद स्थल पर कोई अन्य भवन, संरचना का निर्माण प्रस्तावित होने की स्थिति में, प्रधानाचार्य की ओर से केंद्रीय लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी गाइड लाइन के अनुसार लोक निर्माण विभाग भवन का मूल्यांकन कराएगा। उसकी लागत का समावेश नवीन परियोजना की डीपीआर में किया जाएगा। ध्वस्त भवनों के मलबे का निर्माण में अधिकाधिक प्रयोग करते हुए कार्यदायी ठेकेदार के लागत में ही शामिल किया जाएगा, जिससे निर्माण कार्य के शुरू प्रारंभ में विलंब न हो और मलबे का अधिकाधिक पुर्नपयोग करते हुए पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान किया जा सकें।
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नए भवन में ये होंगी सुविधाएं
जिला अस्पताल के पुराने भवनों के ध्वस्तीरण के बाद नए भवनाें का निर्माण होगा। इसमें करीब 120 बेड का अस्पताल, नर्सिंग कॉलेज, गेस्ट हाउस, विभिन्न टाइप के आवास, एमबीबीएस छात्रों के लिए ब्वाॅय व गर्ल्स हाॅस्टल, क्रिटिकल केयर यूनिट सहित अन्य भवनों का निर्माण होना है।
कोट
पुराने भवनों के ध्वस्तीकरण के लिए आदेश आया है। इसके लिए पैनल बनाया जाएगा। उसमें चर्चा कर शासन की गाइडलाइन के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। इन स्थानों पर नए भवन बनाए जाने हैं, ताकि मरीजों और तीमारदारों को और सहूलियत हो। साथ ही पठन-पाठन कार्य में भी आसानी होगी।
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-डॉ. राजेश कुमार बरनवाल, प्रधानाचार्य, मेडिकल कॉलेज
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