उधर, सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पेड़ से नीचे उतरवाया और कार्रवाई में जुट गई। इसके बाद मैना देवी बेटी छठ्ठी और गांव की अन्य महिलाओं के साथ थाने पहुंच दूसरे नंबर बेटे के खिलाफ तहरीर दी है। इंस्पेक्टर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि परिवारिक कलह से से तंग आकर वृद्ध ने फांसी लगाई है। बेटे पर उत्पीड़न का आरोप है। जांच कर कार्रवाई होगी।
पाल-पोस कर जिसे बड़ा किया वही बन गया मौत का कारण
अवधेश चौहान दिन-रात रिक्शा चलाकर मेहनत और पसीने की कमाई से पांच संतानों की परवरिश की। इसी कमाई से सभी को पाल पोस कर बड़ा भी किए। उन्हें क्या पता था कि इसी में एक संतान ऐसा भी निकलेगा जो एक दिन उनकी मौत का कारण बन जाएगा।
घटना के बाद थाने पहुंची पत्नी मैना देवी चीख चीखकर यह कहते हुए रो रही थी कि हमरी रजऊ के हमरे लइका हिस्सा खातिर मार देहलस। मृतक अवधेश चौहान की पांच संतानों में सबसे बड़ी बेटी छठ्ठी है। बेटो में बड़ा बेचू दूसरे नंबर का शैलेष और फिर तीसरे नंबर पर बेटी सीमा और सबसे छोटा शीतेश है। शीतेश शुरू से ही पढ़ने में होनहार था। रिक्शा चलाने के बाद भी अवधेश कभी भी उसकी पढ़ाई में पैसे की कमी नहीं आने दी। नतीजा वर्तमान में शीतेश मर्चेंट नेवी में दुबई में है। पत्नी मैना का कहना है कि उ कहत रहन ह कि जब शीतेश कमाए लागी त हमनी के परेशानी दूर हो जाई। उनके का पता रहल ह कि एसे पहिले उ दुनिया छोड़ के चल जइहे।
गांव वालों का कहना है कि अवधेश बहुत ही कर्मठी इंसान थे। रिक्शा चलाकर उन्होंने दो बेटे और दो बेटियों की शादी की और घर भी चलाते थे। अब शीतेश के लिए अच्छे रिस्ते का इंतजार कर रहे थे। गांव वालों ने बताया कि वह बहुत ही हंसमुख स्वभाव के थे। अचानक ऐसा कैसे कर लिए। यह किसी को विश्वास ही नहीं हो रहा था।