देवरिया। डेंगू के मामले इन दिनों बढ़े हैं। इसका फायदा उठाकर जांच के नाम पर मनमामे दाम निजी पैथोलाॅजी संचालक वसूल रहे हैं। डॉक्टर डेंगू की पुष्टि कराने के लिए एसएन-एक, एलाइजा की जांच लिख रहे हैं। इसके लिए लोगों को एक हजार से दो हजार रुपये निजी पैथोलाॅजी में देने पड़ रहे हैं। क्योंकि जांच की सुविधा सीएचसी और पीएचसी पर इन दिनों नहीं हो रही है। सरकारी डाॅक्टरों को निजी पैथोलाॅजी की साठगांठ से मरीजों को यह बताया जा रहा है कि सरकारी कीट से ठीक जांच नहीं आ रही है।
डेंगू जांच के नाम पर शहर के पैथोलाॅजी में इन दिनों भीड़ हो रही है। तीन दिन बुखार रह जाने पर डॉक्टर जांच कराने की सलाह दे रहे हैं। कुछ डॉक्टरों की साठगांठ शहर के पैथोलाॅजी से है। इसके कारण कमीशन के चक्कर में रुपये अधिक लिए जा रहे हैं। दर तय न होने के कारण कुछ लैब संचालक रैपिड कार्ड टेस्टिंग के लिए भी आठ सौ रुपये मांग रहे हैं, जबकि एक जांच ढाई से तीन सौ रुपये की है। शुक्रवार को शहर के छह नामी पैथोलाॅजियों की पड़ताल की गई तो यह बात सामने आई है। एक अनुमान के मुताबिक जिले में 43 पैथाेलाॅजियों में करीब एक हजार से अधिक लोगों की जांच हो रही है, जिनसे मनमाना रुपया वसूल किया जा रहा है।
डॉक्टरों का मानना है कि यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार, जोड़ों में दर्द, शरीर पर लाल दाने दिखाई दे तो डेंगू की जांच जरूर करानी चाहिए।
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केस-एक
- शहर के एक व्यापारी परिवार के तीन लोगों को संभावित डेंगू था। प्राइवेट में डॉक्टर के बताने पर शहर के राघव नगर मोहल्ला स्थित एक पैथोलाॅजी पर जांच कराने पहुंचे तीन तरह की जांच के लिए उन्हें चौबीस सौ रुपये देना पड़ा।
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केस-दो
- शहर के एक मोहल्ला निवासी एक व्यक्ति मेडिकल कॉलेज पहुंचा तो कुछ लोगों ने उसे सलाह दी गई कि अच्छी पैथोलाॅजी में जांच करा लें। इस पर उसने न्यू काॅलोनी स्थित एक पैथोलाॅजी पर जांच कराई। जहां उसे सोलह सौ रुपये देना पड़ा।
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अभी तक मिले डेंगू के मरीज
जनपद में अब डेंगू के करीब 40 मरीज मिले हैं। इसमें 26 गैर जनपद व प्रांत से आए लोग डेंगू पीड़ित मिले हैं, जबकि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में रहने वाले 14 लोग पीड़ित हुए हैं। शुक्रवार को तीन मरीजों के स्वस्थ होने पर छुट्टी दी गई, जबकि एक की हालत गंभीर देख रेफर कर दिया गया। वहीं दो मरीजों को भर्ती किया गया। शहर के एक मोहल्ले की महिला चार दिन से बुखार से पीड़ित थी। दवा लेने पर आराम नहीं मिला तो मेडिकल कॉलेज पहुंची, जहां उसे भर्ती किया गया। वहीं भाटपाररानी क्षेत्र के एक की महिला बुखार से पीड़ित होने पर पीएचसी पर पहुंची और दवा ली। आराम नहीं मिलने पर बृहस्पतिवार को लक्षण के आधार पर मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया, यहां भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।
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मेडिकल कॉलेज में डेंगू मरीजों के इलाज की व्यवस्था है। यहां जांच और दवा सहित अन्य सुविधाएं निशुल्क हैं। इसके लिए अलग से एक वार्ड बनाया गया है। जरूरत पड़ने पर बेड की संख्या भी बढ़ा दी जाएगी।
-डॉ. एचके मिश्रा, सीएमएस