- मांगों के समर्थन में बीआरसी सदर से लेकर कलक्ट्रेट तक की नारेबाजी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ ने बृहस्पतिवार को अपनी मांगों को लेकर बीआरसी सदर से लेकर कलक्ट्रेट तक प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित आठ सूत्री मांगों का ज्ञापन डीएम कार्यालय में सौपा। इसके पूर्व उन्होंने कोर्ट के फैसले के बाद मृतक अपने शिक्षामित्र साथियों को श्रद्धांजलि भी दी। धरने को अनुदेशक संघ ने भी समर्थन दिया।
बीआरसी सदर पर दोपहर के बाद उपस्थित होकर संगठन के बैनर तले शिक्षामित्रों ने शोकसभा आयोजित की। जिलाध्यक्ष मनोज सिंह चंदेल ने कहा कि शिक्षामित्र बेसिक शिक्षा विभाग का नींव है क्योंकि जब विद्यालयों में ताले बंद थे तो शिक्षामित्रों ने ताला खोलने का काम किया। शिक्षामित्रों के साथ अन्याय होने के कारण हजारों की संख्या में शिक्षामित्र काल के गाल में समा गए। जिला संरक्षक संजय पांडेय ने कहा कि सरकार से अनुनय विनय के साथ समन्वय स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन सरकार शिक्षामित्रों के मामले पर एकदम उदासीन है। समस्या का समाधान नहीं हुआ तो प्रदेश संगठन के आहवान पर विशाल धरना प्रदर्शन होगा, जो अनवरत चलता रहेगा।
जिलाध्यक्ष पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ रामाजी यादव ने कहा कि शिक्षामित्र, अनुदेशक बेसिक शिक्षा विभाग की एक कड़ी हैं। यह हमारे बराबर कार्य करते हैं इनका अल्प मानदेय निराशाजनक है। ऐसे में प्रदेश के मुखिया को इनके भविष्य के बारे में विचार करना चाहिए। धरने को मंडल संरक्षक रमेश यादव, राजनाथ यादव, गोविंद सिंह, उमेश, श्रीनिवास मिश्र, कौशल यादव, देवेश तिवारी, मंटू श्रीवास्तव, विनय मिश्रा, श्रीप्रकाश यादव, संजीव दूबे, लाल बहादुर चौरसिया आदि शामिल रहे।