कैसे दूर हो बेरोजगारी जब बैंक नहीं निभा रहे जिम्मेदारी
स्वरोजगार के लिए युवाओं ने बढ़ाया कदम, बैंकों की बेरुखी से लटकीं 1813 फाइलें
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शासन ने कई योजनाओं के द्वार खोल रखे हैं। इसमें मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के साथ करीब पांच योजानाएं संचालित हैं। इसे जिला उद्योग केंद्र और विभागों के जरिए विभिन्न बैंकों को ऋण के लिए भेजा जाता है। जनपद में करीब 1813 युुवा रोजगार कर तरक्की की राह पर चलना चाह रहे हैं।
जनपद में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए शासन काफी गंभीर है। ताकि युवाओं को चंद रुपये की नौकरी के लिए दूसरे शहरों की ओर रुख न करना पड़े। इसके लिए स्वदेशी चीजों को बढ़ावा देने के लिए एक जनपद-एक उत्पाद योजना भी शुरू की गई है। इस योजना के तहत जिले में रेडिमेड गारमेंट है।
सच तो यह है कि इन योजनाओं का फायदा उठाने के लिए बेरोजगारों को बैंक और विभिन्न विभागों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इसके कारण जनपद के कई युवाओं की फाइलें कई माह से अटकी हुई हैं। लाभार्थी पत्रावलियों के स्वीकृत होने के बाद ऋण के लिए तरस रहे हैं।
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना-139 पत्रावली
मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना 89
ओडीओपी योजना- 85 पत्रावलियां बैंक
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम - 72
मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना 25 पत्रावलियां
माटीकला योजना - 7
मत्स्य किसान क्रेडिट कार्ड- 462
स्वत: रोजगार महिला स्वयं सहायता समूहों 934
कोट
जिन बैंकों में पत्रावलियां लंबित हैं उन बैंक के प्रबंधक से व्यक्तिगत रूप से वार्ता कर उसका निराकरण कराऊंगा। इसके लिए बैंक अधिकारी से मिलकर 20 अगस्त तक समस्या के समाधान कराने की योजना है।
-रविंद्र कुमार, मुख्य विकास अधिकारी
कोट
स्वरोजगार के लिए जिन लोगों की फाइलें विभिन्न कारणों अटकी हैं। उनका निस्तारण एक सप्ताह में कर दिया जाएगा। इसके लिए सभी बैंकों को निर्देश दिए गए हैं।
-अरुणेश, जिला अग्रणी प्रबंधक