तुर्तीपार हाल्ट स्टेशन की घटना, टूटे मोबाइल के सिम से हुई पहचान
संवाद न्यूज एजेंसी
भागलपुर। मईल थाना क्षेत्र के तुर्तीपार हाल्ट स्टेशन के 100 मीटर उत्तर रेल ट्रैक के पास सोमवार को एक डंफर चालक का शव मिला। लार रोड स्टेशन मास्टर की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने पाॅकेट से मिले टूटे मोबाइल के सिम से उसकी पहचान जनपद गोरखपुर के खोराबार थाना क्षेत्र के जगत रामलखना तिवारी टोला निवासी राकेश कुुमार के रूप में हुई। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
भटनी-वाराणसी रेलखंड पर स्थित तुर्तीपार हाल्ट स्टेशन के पास रविवार रात एक युवक की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। ट्रेन चालक ने लार रोड स्टेशन मास्टर को इसकी जानकारी दी। इसके बाद स्टेशन मास्टर ने मईल पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची। तलाशी लेने पर युवक के पाॅकेट से टूटा हुआ मोबाइल मिला। पुलिस ने मोबाइल के सिम को दूसरे मोबाइल में लगाया तो परिजनों का फोन आया, जिससे उसकी पहचान राकेश 40 वर्ष पुत्र लाल बचन निवासी जगत राम लखना तिवारी टोला, थाना खोराबार, जिला गोरखपुर के रूप में हुई। इसके बाद घर पर रोना-पीटना मच गया। सोमवार को परिवार के सदस्य पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। चौकी प्रभारी मान सिंह ने बताया कि रेलवे स्टेशन के पास युवक का शव मिला है। परिजनों को सूचना दी गई है।
डंफर चलाकर करता था परिवार का जीवन यापन
राकेश कुमार पेशे से चालक था। वह डंफर चलाकर परिवार का जीवन यापन करता था। परिजनों के अनुसार तीन दिन तुर्तीपार के पास रेलवे ब्रिज का काम चल रहा है, जहां मिट्टी भराई का भी काम चल रहा है। वहीं राकेश डंफर चला रहे थे। रविवार रात गाड़ी खड़ा किए। इसके कुछ देर बाद रेल लाइन की तरफ गए।
पत्नी का रो-रोकर था बुरा हाल
राकेश कुमार के मौत की खबर सुनकर पत्नी रंभा देवी, पुत्र पीयूष व परिवार के अन्य सदस्य पोस्टमार्टम हाउस पर पूर्व प्रधान कृष्ण चंद वर्मा के साथ गाड़ी से पहुंचे। पोस्टमार्टम हाउस के पीछे मेडिकल कॉलेज के प्रशासनिक भवन गेट से कुछ दूरी पर गाड़ी से उतरते ही रंभा देवी दहाड़ मारने लगीं और सड़क पर गिर पड़ीं। साथ आई महिलाएं सड़क पर बैठकर उसे ढांढस बंधा रही थीं। उधर खबर मिलने पर ससुराल लार बाजार से सास व अन्य लोग भी पहुंचे थे। राकेश की सास की आंख से आंसू नहीं थम रहे थे।
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पीयूष के सिर से उठ गया पिता का साया
राकेश कुमार को एक बेटा पीयूष है। वह अभी 11वीं का छात्र है। राकेश की मौत के बाद उसके सिर से पिता का साया उठा गया है। घटना से वह बदहवास हो गया था। उसे कुछ समझ में नहीं आ रहा था। वह फोन आने पर बात करता तो गुमशुम बैठा था।