संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही मिलावट खोर भी तेजी के साथ सक्रिय हो गए हैं। नकली व सिंथेटिक खोआ एवं मिलावटी दूध की मिठाई बनाने का काम शुरू हो गया है। इस समय बाजार में आपको खाने-पीने की चीजों में सबसे ज्यादा मिलावट मिलेगी।
दीपावली पर खाद्य सामग्रियों की खरीद बढ़ जाती है। इसमें मिठाई ज्यादा बिकती है। मिलावट के चलते आजकल दीपावली पर लोग मिठाई की जगह चॉकलेट्, ड्राई फ्रूट या फिर नमकीन और कुकीज के गिफ्ट हैंपर देने लगे हैं, लेकिन घर में पूजा के लिए और आने वाले मेहमानों के लिए तो मिठाई लानी ही पड़ती है। ऐसे में मिठाई खरीदने से पहले आप ये जाने लें कि असली और नकली मिठाई की पहचान कैसे की जा सकती है। वहीं छापे के भय से गांवों में जहां रात के अंधेरे में भट्ठियां धधकने लगी हैं। वहीं विक्रेताओं ने भी बड़े पैमाने पर मिलावटी खोवा व मिठाई तैयार करने का काम तेजी से शुरू कर दिया है।
शहर के प्रमुख बाजारों के आलावा सलेमपुर, लार, भाटपाररानी, बरहज, रुद्रपुर सहित अन्य क्षेत्र के दर्जनों गांवों में बड़े पैमाने खोआ व रंगबिरंगी मिठाई तैयार हो रही है। शहर से लेकर कस्बे ओर गांव के छोटे चौराहों पर त्योहारों पर दुकानों से मिठाई खरीदी जाती है। जितनी डिमांड है उस अनुरूप बाजार में खोवा और छेना नहीं उपलब्ध होता है। त्योहारों पर सामान्य दिनों की अपेक्षा कई गुना मांग बढ़ जाती है। इधर दुकानदार मांग पूरी करने के लिए पाउडर से बने दूध का खोआ व छेना ले लेते हैं। इसका वजन बढ़ाने के लिए इसमें कट्टू का आटा भी मिलाया जाता है। जिले में कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर से डिमांड करने के बाद भी स्थानीय स्तर पर दूध पाउडर के घोल व फैट रहित दूध से मिलावटी खोवा तैयार किया जा रहा है।