सलेमपुर। विभाग की लापरवाही से आब तक बंधों की मरम्मत का काम पूरा नहीं हो पाया है। बंधों की सड़क पर जगह-जगह रैट होल हैं, जो बाढ़ के समय खतरा पैदा कर सकते हैं। इससे तटवर्ती गांवों के लोग सहमे हुए हैं।
शासन ने निर्देश दिया था कि 15 जून से पहले बंधों की मरम्मत का काम पूरा कर लिया जाए, लेकिन बाढ़ विभाग की लापरवाही से भागलपुर-मईल बंधे की मरम्मत नहीं हो सकी है। जगह-जगह जंगली जानवरों और रेनकट से होल बने हुए हैं। बाढ़ के आने पर रिसाव होकर बंधा कट भी सकता है, जिससे भागलपुर, छित्तूपुर, देवसिया, ईशारू, गोड़वली, बांध पिपरा, दवन पिपरा, नरियांव, बकुची, जिरासो, मुरासो, बलिया सहित 50 से अधिक गांवों की फसल बर्बाद हो जाएगी और घरों में भी पानी घुसने की आशंका है। 1998 में बंधा कट गया था, जिससे लोगों को घर छोड़कर भागना पड़ा था। पिछले साल आई बाढ़ के दौरान स्थानीय लोगों के प्रयास से बंधा कटने से बचा था। रतजगा कर रहे युवकों ने बंधे में रिसाव को देखकर शोर मचाया। जिसपर गांव वालों की मदद से रिसाव को बंद किया गया था। सरयू नदी का पानी तेजी से बढ़ना शुरू हो गया है। बंधे में जगह-जगह होल तटवर्ती बसे लोगों के होश उड़ गए हैं। बाढ़ विभाग के अपर अभियंता अशोक कुमार द्विवेदी ने बताया कि बंधों पर कर्मचारियों द्वारा निगरानी की जा रही है। भागलपुर मईल मार्ग अब लोकनिर्माण विभाग के जिम्मे है।