अधिक क्षमता होने से नसों की बीमारी का लग सकेगा पता
केजीएमयू की दर पर देना होगा शुल्क
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज का अपना सीटी स्कैन होगा। इसे स्थापित करने की कवायद की जा रही है। इसकी क्षमता अधिक होगी। इससे नसों की बीमारी का पता चल जाएगा, जिससे इलाज में आसानी होगी। इसे अस्पताल में मौजूद सीटी स्कैन मशीन और एमआरआई के बीच की कड़ी माना जा रहा है। इस मशीन से जांच कराने के लिए शुल्क भी देना होगा। इस मशीन को चलाने के लिए एक्स-रे टेक्नीशियन को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में ओपीडी, वार्ड और इमरजेंसी के मरीजों के लिए 24 घंटे सीटी स्कैन की सुविधा है। हर रोज करीब 60-70 मरीजों की जांच होती है। जिला अस्पताल की 16 स्लाइस की मशीन से काम चल रहा है। इसे एचएलएल कंपनी संचालित करती है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने अधिक क्षमता की और एक मशीन स्थापित करने का निर्णय लिया है। यह 128 स्लाइस की होगी, जिसकी कीमत डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक होगी। इससे बारीकी से जांच हो सकेगी। नसों की बीमारियों का पता चल सकेगा, जिससे डॉक्टर को इलाज करने में आसानी होगी, वहीं, मरीज को सहूलियत होगी। उसे एमआरआई नहीं करने की कम संभावना रहेगी। इसे वर्तमान में चल रही मशीन और एमआरआई के बीच की कड़ी के रूप में माना जा रहा है।
इस मशीन के शुरू होने पर जांच कराने के लिए केजीएमयू की दर पर शुल्क देना होगा, जबकि अभी सीटी स्कैन जांच के लिए शुल्क नहीं देना पड़ा है। दोनों मशीनों से जांच होगी, डॉक्टर जिसे जरूरी समझेंगे, उसे ही नई मशीन से जांच कराने की सलाह देंगे। नई मशीन के लिए स्थान भी चिह्नित कर लिया गया है। तैयारियां चल रही हैं। लोकसभा चुनाव के बाद इसमें तेजी आएगी।
प्रशिक्षित किए जा रहे एक्स-रे टेक्नीशियन
मेडिकल कॉलेज में नई सीटी स्कैन मशीन को चलाने के लिए डिजिटल एक्स-रे टेक्नीशियन को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यहां एक सीनियर को लेकर आठ टेक्नीशियन हैं। एक से पंद्रह मई तक दो टेक्नीशियन का 15 दिन का प्रशिक्षण हो चुका है। दो टेक्नीशियन को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जो 30 मई तक चलेगा। इसके बाद अन्य टेक्नीशियन को प्रशिक्षित किया जाएगा।
कोट
मेडिकल कॉलेज में 128 स्लाइस की एक और सीटी स्कैन मशीन लगाई जाएगी। यह अधिक क्षमता की होगी। बीमारियां आसानी से पकड़ में आएंगी। इसकी क्षमता एमआरआई से थोड़ी कम होगी। इसके लग जाने से मरीजों को जांच कराने और इलाज में सहूलियत होगी। इसे लेकर प्रक्रिया की जा रही है। आने वाले समय में लग जाएगी।
- डॉ. एचके मिश्रा, सीएमएस