निराश होकर लौट रहे दूर-दराज से आ रहे पीड़ित व तीमारदार
जांच न होने से दो दिन में सौ से अधिक मरीज
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में सीटी स्कैन मशीन के रिपोर्टिंग सर्वर की खराबी दूसरे दिन बुधवार को भी नहीं दूर हो सकी। जांच ठप होने से मरीजों को भटकना पड़ रहा है। दो दिन में करीब सौ से अधिक मरीजों को लौटना पड़ा।
मेडिकल कॉलेज में मरीजों की सहूलियत के लिए 24 घंटे सीटी स्कैन की सुविधा है। ओपीडी और वार्ड में भर्ती मरीजों को डॉक्टर सीटी स्कैन कराने के लिए भेजते हैं। इसमें नस, दर्द, चक्कर आने, दुर्घटना में घायल सहित अन्य मरीज होते हैं। हर रोज 60 से 70 मरीजों की जांच होती है, लेकिन सोमवार की शाम को रिपोर्टिंंग सर्वर में दिक्कत आ गई। इससे जांच ठप हो गई। खराबी को दूर करने के लिए कंपनी को सूचना दी गई। इसके बाद कंपनी के मुख्यालय चेन्नई में ठीक करने का कार्य शुरू हुआ।
मंगलवार से बुधवार को इसके ठीक होने की उम्मीद थी, लेकिन अब तक ठीक नहीं हो सका है। बुधवार को आधे दिन की ओपीडी होने के बाद भी करीब 40 मरीज जांच कराने पहुंचे, लेकिन उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा।
रामपुर कारखाना क्षेत्र के रामसुभग ने बताया कि दो दिन से जांच के लिए आ रहा हूं, लेकिन नहीं हो पा रही है। भलुअनी क्षेत्र के वीरबल ने बताया कि जांच के लिए पहुंचने पर अगले दिन बुलाया जा रहा है। बैतालपुर के विकास ने बताया कि दो दिन से चक्कर लगाकर परेशान हूं, अब निजी सेंटर पर कराना पड़ेगा, लेकिन वहां अधिक शुल्क लगेगा, जिससे परेशानी होगी। रुद्रपुर क्षेत्र के बहोरा ने बताया कि दो दिन से आ रहा हूं। जांच नहीं होने से समय और पैसा बर्बाद हो रहा है। धूप में आने-जाने में दिक्कत हो रही है।
निजी केंद्रों पर खर्च करना पड़ता है 1800 से 2500 रुपये
सीटी स्कैन जांच कई तरह की होती है। निजी सेंटरों में सीटी स्कैन जांच के लिए मरीज को 1800 से 2500 रुपये खर्च करने पड़ते हैं। जबकि मेडिकल कॉलेज में इसके लिए शुल्क नहीं देना पड़ता है। इससे मरीजों को परेशानी हो रही है। बताते चलें कि कॉलेज में सीटी स्कैन सेंटर एचएलएल कंपनी की ओर से संचालित की जाती है। इसकी रिपोर्टिंग ऑनलाइन होती है।
कोट
सीटी स्कैन रिपोर्टिंग के सर्वर में तकनीकी समस्या आई है। इससे कार्य ठप हो गया है। उसे ठीक कराने के निर्देश दिए गए हैं। कार्य भी चल रहा है। जल्द गड़बड़ी ठीक हो जाएगी। इसके बाद जांच शुरू हो जाएगी।
-डॉ. एचके मिश्रा, सीएमएस