- उमस भरी गर्मी से परेशान रहे मरीज और तीमारदार
- बगल से डॉक्टर कक्ष में जाने पर मरीजों ने किया हो-हल्ला
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। इससे व्यवस्था लड़खड़ा जा रही है। मंगलवार को काफी भीड़ रही। मरीजों को डेढ़ घंटे कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। कई स्थानों पर बगल से अंदर जाने को लेकर मरीज उलझ गए तो कुछ जगह हो-हल्ला और धक्का-मुक्की हुई। सुरक्षा कर्मियों व कर्मचारियों ने समझा-बुझाकर शांत कराया। उसम भरी गर्मी के कारण मरीज और तीमारदार परेशान रहे।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में जिले के विभिन्न क्षेत्रों के अलावा बिहार के सीमावर्ती इलाके के लोग भी इलाज कराने पहुंच रहे हैं। सुबह आठ बजे से ही रजिस्ट्रेशन काउंटर पर कतार लग गई, जो दोपहर करीब एक बजे तक रही। इलाज कराने के लिए 2363 लोगों ने पर्ची लिया। जबकि करीब 1300 से अधिक पुराने मरीज भी पहुंचे थे। पर्ची लेने के बाद मरीज ओपीडी में पहुंचने लगे और लाइन लगने लगी। सुबह 11 बजे मेडिसिन विभाग के दोनों कक्षों में काफी भीड़ हो गई। एक नंबर की लाइन डॉक्टर कक्ष के बाहर से इंट्री गेट तक पहुंच गई। मरीजों की भीड़ को सहेजने में सुरक्षा कर्मी पसीने-पसीने हो रहे थे। करीब 11.30 बजे बगल से अंदर जाने को लेकर कुछ लोग सुरक्षा कर्मी से उलझ गए और हो-हल्ला होने लगा। दोपहर 1.30 बजे तक तक इस तरह की घटना तीन बार हुई। डॉ. विजय कुमार गुप्ता, डॉ. विश्वजीत व डॉ. प्रांजल गुप्ता ने करीब 2.20 बजे तक 466 से अधिक मरीजों का इलाज किया। इसमें बुखार, पेट, कमर दर्द के अधिक मरीज रहे। इसके अलावा बीपी, शुगर व अन्य बीमारी से पीड़ित मरीज रहे। हड्डी विभाग में लाइन बढ़ती ही जा रही थी। यहां कतार के अलावा लोग दरवाजे पर खड़े थे। अंदर जाने में मशक्कत करनी पड़ रही थी। बगल से जाने पर कतार में खड़े लोग हो-हल्ला कर रहे थे। दो बजे के बाद तक लंबी लाइन देख लोगों को डॉक्टर के जाने का डर सता रहा था और जल्दी अंदर प्रवेश करना चाह रहे थे। हल्ला सुनकर डॉक्टर कई बार दरवाजे पर आकर मरीजों को सभी का इलाज करने का भरोसा दिए। डॉ. अजय कुमार यादव, डॉ. शुभम पांडेय, डॉ. शंभू ने 520 मरीजों का उपचार किया। डॉ. अजय यादव की ओपीडी 4.45 बजे तक चली। ईएनटी में भी भीड़ रही। यहां भी धक्का-मुक्की हुई। डॉ. प्रदीप कुमार गुप्ता, डॉ. नेहा, डॉ. अभिषेक सिंह ने 241 मरीजों का इलाज किया। मानसिक रोग में भी लंबी कतार रही। डॉ. अंबु पांडेय ने 115, कम्युनिटी मेडिसिन में डॉ. पुरुषोत्तम ने 107, दंत में डॉ. अफसाना अंसारी, डॉ. रेनू सिंह, डॉ. निहारिका, डॉ. प्रियंका ने 92 मरीजों का इलाज किया गया। चेस्ट व टीबी में डॉ. अनुराग शुक्ला ने 100 मरीजों का इलाज किया। चर्म रोग विभाग में भी लंबी कतार रही। डॉ. सुधा ने 210 मरीजों का उपचार किया। नेत्र विभाग में डॉ. कन्हैया प्रसाद, डॉ. अदिती, डॉ. आकांक्षा, डॉ. दयानंद, डॉ. अभिषेक ने 257 मरीजों का इलाज किया। सर्जरी डॉ. आशीष जायसवाल, डॉ. संजय गुप्ता ने 140 मरीजों का इलाज किया। उधर दवा काउंटर, पैथालाजी जांच के रजिस्ट्रेशन, एक्स-रे सेंटर पर भी भीड़ रही। उमस भरी गर्मी में मरीजों और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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हड्डी विभाग में एसी लगने से मरीज को राहत
- मेडिकल कॉलेज के आर्थो विभाग में डॉ. कक्ष के बाहर मरीजों की भीड़ से जगह कम पड़ जा रही है। गर्मी और उमस के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसे देखते हुए तीन एसी लगाए गए हैं। इससे मरीजों और तीमारदारों को राहत मिल रही हैं।
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नहीं हुआ पोर्टेबल एक्स-रे
- मेडिकल कॉलेज में एक्स-रे के लिए मरीजों की भीड़ रहती हैं। इसकी वजह से हड्डी रोग विभाग की ओपीडी के पास पोर्टेबल डिजिटल एक्स-रे की सुविधा की गई है, ताकि मरीजों को सहूलियत हो, लेकिन मंगलवार को टेक्नीशियन के अवकाश पर रहने के कारण कक्ष का ताला नहीं खुला, जिससे पूरे दिन जांच ठप रही। इसकी वजह से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
अस्पताल में भीड़ बढ़ी है। उसम भरी गर्मी से मरीजों व तीमारदाराें को थोड़ी दिक्कत हुई। सभी को इलाज, जांच, दवा सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। लोगों को व्यवस्था को बनाए रखने में सहयोग करने की जरूरत है। टेक्नीशियन के छुट्टी पर जाने से ओपीडी में एक्स-रे ठप रहा। उनके वापस आने पर जांच शुरू कर दी जाएगी।
डॉ. एचके मिश्रा
सीएमएस