- उमस भरी गर्मी में परेशान रहे मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में सोमवार को मरीजों की भीड़ रही। हर जगह लंबी कतार लगी थी। दो घंटे खड़े रहने के बाद पर्ची लेकर डॉक्टर के पास पहुंचने में भी लोगों को जद्दोजहद करना पड़ा। कुछ जगह पहले कक्ष में जाने को लेकर आपस में भिड़ गए। वहीं कुछ स्थानों पर हो-हल्ला हुआ।
सोमवार को अस्पताल में मरीजों की भीड़ रही है। 2300 से अधिक लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया, जबकि इतनी ही संख्या में पुराने मरीज पहुंचे थे। दोपहर 12 बजे तक पर्ची लेने के लिए काउंटर पर लंबी कतार थी। 12:10 बजे मेडिसिन विभाग में मरीजों की लाइन दूर तक थी। डॉ. सराजुद्दीन, डॉ. गौरव, डॉ. विश्वजीत ने 508 मरीजों का इलाज किया। बिना नंबर के जाने पर कुछ लोगों ने शोर मचाया। मानसिक विभाग में डॉ. अंबु पांडेय ने 100 से अधिक मरीजों का इलाज किया। चेस्ट और टीबी विभाग में भी खड़ा होने की जगह नहीं थी। डॉ. अनुराग शुक्ला व डॉ. ज्योति सिंह ने 140 मरीजों का इलाज किया। कम्युनिटी मेडिसिन में डॉ. प्रेम कुमार ने सर्दी, बुखार, खांसी के 80 मरीजों का इलाज किया। चर्म रोग में डॉ. अजीत पाल, डॉ. सुधा ने 208 व दंत विभाग में डॉ. गौरव, डॉ. रेनू सिंह, डॉ. सौरभ, डॉ. तेजस्विता ने 85 मरीजों का इलाज किया। ईएनटी में डॉ. प्रदीप कुमार गुप्ता, डॉ. भानु प्रकाश सिंह ने 200 से अधिक मरीजों का इलाज किया। इसमें नकसीर व कान रोग से पीड़ित अधिक रहे।
सर्जरी विभाग में मरीजों की लंबी लाइन रही। यहां भीड़ को नियंत्रित करने में कर्मचारी परेशान रहे। बिना नंबर के अंदर जाने से रोकने पर मरीज व तीमारदार आपस में भिड़ गए। कर्मचारियों ने उन्हें शांत कराया। नेत्र विभाग में डॉ. कन्हैया, डॉ. आकांक्षा अग्रवाल, डॉ. तरुन, डॉ. दयानंद ने 250 मरीजों का इलाज किया। हड्डी रोग विभाग में डॉ. रजनीश राय, डॉ. शंभू, डॉ. शुभम पांडेय ने करीब 400 मरीजों का इलाज किया। यहां एक ही बार लोग डॉक्टर कक्ष में जाने को लेकर कुछ लोग बगल से घुस रहे थे, यह देख अन्य लोग हंगामा करने लगे। मरीजों की भीड़ के कारण डॉक्टर 2.30 बजे तक इलाज किए। यही हाल पैथालाजी, एक्स-रे व अन्य जांच केंद्रों पर रहा। दवा वितरण का कार्य 2:35 बजे तक चला।
कोट
सप्ताह का पहला दिन होने के कारण अस्पताल में मरीजों की भीड़ रही। सभी को सुविधाओं का लाभ उपलब्ध कराया गया। होमगार्डों के न होने के कारण भीड़ को सहेजने में दिक्कत हुई।
-डॉ. एचके मिश्रा, सीएमएस