सूखे की मार से बर्बाद हुई धान की फसल देखकर सांडा गांव के वृद्ध किसान की तबीयत बिगड़ गई। परिवार और गांव के लोगों का कहना है कि वह खेत से लौटने के बाद फसल की बर्बादी का गम सह नहीं पाए और सदमे से उनकी मौत हो गई। एसडीएम सदर ने लेखपाल को गांव में मामले की जांच के लिए भेजा है।गौरीबाजार के सांडा गांव निवासी शंकर साहू (70) का परिवार खेती पर निर्भर है। सोमवार की शाम वह धान का फसल देखने के लिए खेत की तरफ गए थे। उनकी पत्नी का कहना है कि खेत से लौटने के बाद वह फसल की बर्बादी को लेकर बातचीत कर रहे थे। उनका कहना था कि पहले गेहूं की फसल खराब हुई थी, इस बार धान की फसल बर्बाद हो गई। अब घर के लोग क्या खाएंगे? यह कहकर वह रोने लगे। परिवारवालों के समझाने पर चुप हुए। रात नौ बजे भोजन के बाद शंकर के सीने में अचानक दर्द होने लगा। जानकारी होने के बाद गांव के लोग उन्हें लेकर अस्पताल जा रहे थे। रास्ते में उनकी मौत हो गई। परिवार के लोगों का कहना है कि धान की खराब फसल से वह काफी तनाव में थे। गांव वालों का कहना है कि शंकर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। ग्राम प्रधान अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि सूखा के चलते धान की फसल खराब हो गई है। इससे शंकर काफी चिंतित थे। सोमवार की शाम खेत से लौटने के बाद रात में अचानक तबियत खराब हो गई और उनकी मौत हो गई।