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Deoria News: क्रिटिकल केयर यूनिट का रास्ता साफ, निर्माण की प्रक्रिया शुरू

Sat, 08 Jun 2024 03:10 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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क्रिटिकल केयर यू​निट के लिए पुराने जिला महिला अस्पताल को किया गया चि​ह्ति ।संवाद
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चिह्नित स्थल के पास हो रही बैरिकेडिंग, एक माह के अंदर कार्य में आएगी तेजी
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करीब पंद्रह माह हो गए स्वीकृति मिले, जमीन के पेंच में फंसा था कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में गंभीर मरीजों के इलाज की सुविधा नहीं है। भूमि के पेंच में क्रिटिकल केयर यूनिट का निर्माण करीब डेढ़ साल से अधर में है। राजस्व विभाग की जमीन का हस्तानांतरण न होने से कार्य रुका था, लेकिन अब रास्ता साफ हो गया है।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने पुराने महिला अस्पताल में खाली पार्क की जमीन को चिह्नित किया है। इसके निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बैरिकेडिंग का कार्य चल रहा है। एक माह के अंदर कार्य में तेजी आने की उम्मीद है। इसके बन जाने से गंभीर मरीजों के इलाज में सहूलियत होगी। उन्हें अन्यत्र नहीं जाना पड़ेगा।
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महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में गंभीर मरीजों के इलाज को लेकर शासन ने एनएसएम के तहत 50 बेड के क्रिटिकल केयर यूनिट के लिए दिसंबर 2022 में पत्र भेजा। प्राचार्य ने प्रशासन से भूमि उपलब्ध कराने की मांग की। एएसपी आवास के बगल में सरकारी जमीन को चिह्नित किया गया और जनवरी 2023 को प्रस्ताव भेजा गया। फरवरी 2023 में प्रशासन ने भूमि मेडिकल कॉलेज के नाम हस्तानांतरित करने और चिह्नित भूमि पर पुराने भवन के ध्वस्तीकरण की अनुमति के लिए फाइल राजस्व परिषद आयुक्त एवं राजस्व उप्र को भेजी। इसी बीच अक्तूबर 2023 को क्रिटिकल केयर यूनिट की ड्राइंग को भी स्वीकृति मिल गई, लेकिन राजस्व परिषद की ओर से हरी झंडी नहीं मिलने से कार्य लटक गया।
इसके बाद प्रशासन की ओर से फरवरी 2023 में दूसरी जगह भूमि देने की बात कही गई। लेकिन मेडिकल कॉलेज से दूरी अधिक होने के कारण प्राचार्य ने उसे मना कर दिया, लेकिन मेडिकल कॉलेज प्रशासन क्रिटिकल केयर यूनिट की स्थापना को लेकर गंभीर है। इसके बाद भूमि के पेंच को समाप्त करते हुए परिसर में ही स्थापित करने का निर्णय लिया गया और निरीक्षण के बाद जिला महिला अस्पताल में स्थित पार्क की भूमि को चिह्नित किया गया। इसे प्रशासन से भी हरी झंडी मिल गई। मई 2024 में कार्यदायी संस्था को निर्माण कार्य शुरू करने की अनुमति दे दी गई। उधर, कार्यदायी संस्था उप्र राजकीय निर्माण निगम करीब पांच माह पहले ही अपनी तैयारी कर रहा था। टेंडर प्रक्रिया भी पूरी कर ली थी। लखनऊ की एक कंपनी को निर्माण कराना है।
लोकसभा चुनाव के कारण कार्य रुका था। अभी एमओयू पर हस्ताक्षर होना है। इसके बाद शासन से धन अवमुक्त हो जाएगा। इधर, कार्यदायी संस्था ने निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। लोगों की सुरक्षा को देखते हुए लोहे की चादर से बैरिकेडिंग का कार्य चल रहा है। एक माह अंदर निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद है। धन उपलब्ध होने पर बारह माह में कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।
मेडिकल कॉलेज में क्रिटिकल केयर यूनिट न होने से गंभीर मरीजों को इलाज की सुविधा नहीं मिल पाती है। हर रोज औसतन 18 से 20 मरीजों को रेफर करना पड़ता है। उन्हें गोरखपुर, लखनऊ, वाराणसी व निजी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ता है। इससे मरीजों और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। क्रिटिकल केयर यूनिट चालू होने से इलाज में आसानी होगी।

16 करोड़ 63 लाख की लागत से होगा निर्माण
क्रिटिकल केयर यूनिट का निर्माण 4159.86 वर्ग मीटर में होगा। यह तीन मंजिला होगा। ग्राउंड फ्लोर 1468.38 वर्ग मीटर होगा। वेटिंग एरिया, आइसोलेशन वार्ड, एचडीयू, रेड, एलो जोन भी होगा। यह अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित होगा। यहां पोर्टेबल एक्स-रे मशीन, पोर्टेबल सोनोग्राफी, एडवांस इक्विपमेंट, ईसीजी सहित अन्य सुविधाएं होंगी।

इन मरीजों के इलाज में होगी सुविधा
- मेडिकल कॉलेज में क्रिटिकल केयर यूनिट स्थापित होने से गंभीर मरीजों के इलाज में काफी सुविधा होगी। यहां हृदय रोग, सांस, हेड इंजरी, चोट, प्रसव सहित अन्य बीमारियों के गंभीर मरीजों के इलाज में आसानी होगी।
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कोट
क्रिटिकल केयर यूनिट के लिए भूमि चिह्नित कर ली गई है। कार्यदायी संस्था ने तैयारी कर ली है। निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द कार्य में तेजी आ जाएगी। एक साल में इसे पूरा करने का समय निर्धारित किया गया है। इसके बन जाने से गंभीर मरीजों को इलाज में सहूलियत होगी।
-डॉ. राजेश कुमार बरनवाल, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज, देवरिया
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