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Deoria News: आठ माह से नामांतरण के पेच में फंसा क्रिटिकल केयर यूनिट

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शासन से स्वीकृति नहीं मिलने से फंसा है मामला, गंभीर मरीजों को नहीं मिल पा रही इलाज की सुविधा
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। महर्षि मेडिकल कॉलेज में गंभीर मरीजों के इलाज के लिए क्रिटिकल केयर यूनिट की स्थापना भूमि के नामांतरण के पेंच में फंस कर रह गई है। इसके लिए प्रशासन ने अस्पताल के पास भूमि चिह्नित कर फाइल शासन में नामांतरण के लिए भेजा है। आठ माह हो गए, लेकिन अब तक स्वीकृति नहीं मिली है। हालांकि पिछले महीने रिमांडर भी भेजा गया, वहीं छह दिन पहले लखनऊ में मीटिंग के दौरान भी कहीं गई थी। नामांतरण न होने से यूनिट के स्थापित करने की आगे की कार्रवाई नहीं हो पा रही है। इस यूनिट के न होने से गंभीर मरीजों को इलाज की सुविधा नहीं मिल पा रही है और उन्हें रेफर कर दिया जा रहा है। जिससे यूनिट के स्थापित करने की आगे की कार्रवाई नहीं हो पा ही है।
मेडिकल कॉलेज में एनएचएम से 50 बेड का क्रिटिकल केयर यूनिट स्थापित किया जाना है। इसके लिए शासन ने भूमि चिह्नित कर प्रस्ताव मांगा है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने दिसंबर 2022 में जिला प्रशासन से भूमि उपलब्ध कराने की मांग की। इसके बाद प्रशासन के निर्देश पर राजस्व विभाग ने अस्पताल से पास कुछ दूरी पर करीब 45 सौ वर्ग मीटर भूमि चिह्नित किया। इसके बाद प्राचार्य की पहल पर राजस्व विभाग की भूमि को मेडिकल कॉलेज के नाम से हस्तांतरित करने के लिए राजस्व परिषद की स्वीकृति के लिए जिला प्रशासन ने फाइल तैयार कर जनवरी माह में शासन को भेज दिया, लेकिन अब तक उस पर विचार नहीं किया जा सका है, जिससे क्रिटिकल केयर यूनिट की स्थापना अटकी हुई है। प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा की 25 मई को वीसी में भी क्रिटिकल केयर यूनिट की चर्चा की गई। उन्होंने जल्द कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। इसके बाद जुलाई माह में भी रिमाइंडर भेजा गया, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। वहीं 14 अगस्त को लखनऊ में मीटिंग के दौरान प्राचार्य डॉ. राजेश बरनवाल ने क्रिटिकल केयर यूनिट को लेकर बात रखी, इस पर जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।
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इन मरीजों को होगी सुविधा
देवरिया। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में क्रिटिकल केयर यूनिट स्थापित होने से गंभीर मरीजों के इलाज में सुविधा होगी। इसमें हृदय रोग, सांस, हेड इंजरी, चोट, प्रसव के गंभीर मरीजों सहित अन्य बीमारियों के गंभीर मरीजों का इलाज हो सकेगा। भवन का निर्माण 16 करोड़ 83 लाख रुपये की लागत से होगा। जबकि सात करोड़ 12 लाख रुपये उपकरण पर खर्च होंगे। दो मंजिले भवन अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित होगा। यहां पोर्टेबल एक्स-रे मशीन, पोर्टेबल सोनोग्राफी, एडवांस इक्विपमेंट सहित अन्य सुविधाएं होंगी।
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- क्रिटिकल केयर यूनिट के लिए भूमि चिह्नित कर फाइल शासन में नामांतरण के लिए भेजी गई। स्वीकृति के लिए रिमाइंडर भी भेजा गया है। जमीन मेडिकल कॉलेज के नाम होने के बाद स्थापित करने के लिए कार्रवाई की जाएगी।

डॉ. एचके मिश्रा सीएमएस
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