बनकटा। छेड़खानी के आरोपी युवक ने पुलिस की प्रताड़ना से तंग आकर खुदकुशी कर ली। रविवार शाम जब पोस्टमार्टम के बाद शव पहुंचा तो गांव में तनाव बढ़ गया। गम और गुस्से के बीच घरवालों ने शव दफनाने से इन्कार कर दिया। वे आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। समझाने पहुंची पुलिस पर भी महिलाओं ने प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। इस दौरान पुलिस और लोगों के बीच कहासुनी भी हुई। पुलिस के आश्वासन के बाद देर शाम शव दफनाया गया। इस मामले में पुलिस ने छेड़खानी की पीड़िता, उसकी मां समेत तीन लोगों पर केस दर्ज किया है।
थाना क्षेत्र के रामपुर बुजुर्ग गांव निवासी रिजवान खान (24) पर गांव की ही एक किशोरी ने बीते फरवरी में छेड़खानी और पाक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस की कार्रवाई के बाद से युवक घर से फरार चल रहा था। परिवार वालों का आरोप है कि कार्रवाई के नाम पर पुलिस आरोपी के बड़े भाई इमरान को बार-बार हिरासत में लेती थी और कुछ देर रखने के बाद छोड़ देती थी। शुक्रवार को भी पुलिस इमरान को घर से उठाकर ले गई थी और देर रात उसे छोड़ दिया था। पुलिस की प्रताड़ना से आहत आरोपी रिजवान ने शनिवार की रात जहर खा लिया। हालत बिगड़ने पर रिश्तेदार उसे जिला अस्पताल लाए। हालत गंभीर होने पर डॉक्टर ने रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज ले जाते समय रास्ते में ही युवक ने दम तोड़ दिया।
रिजवान की मौत के बाद रविवार सुबह ही पीड़ित और आरोपी दोनों पक्ष के बीच तनाव बढ़ गया। इसी बीच पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामला बढ़ता देख पुलिस ने मृतक के भाई इमरान खान की तहरीर पर छेड़खानी का केस दर्ज कराने वाली किशोरी, उसकी मां और एक अन्य गोपाल पर केस दर्ज कर लिया। शाम छह बजे शव गांव पहुंचा तो मकतूल के घरवालों ने उसे दफनाने से इन्कार कर दिया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। इस खींचतान में करीब एक घंटे तक शव दरवाजे पर पड़ा रहा। मामला बढ़ता देख स्थानीय पुलिस के अलावा वज्र वाहन भी पहुंच गया। काफी समझाने पर लोग माने और शाम सात बजे शव लेकर कब्रिस्तान के लिए चले। रास्ते में फिर शव रख दिया। फिर पहुंचे एसओ ने आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। इसके बाद शव दफनाया गया। एसओ आरपी सिंह ने बताया कि पूछताछ के लिए कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है।