मदद की आस में बच्चियों के साथ बैठी मजदूर की पत्नी।
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भटनी (देवरिया)। दाने-दाने को मोहताज मजदूर की मौत के बाद सरकारी महकमे की नींद टूटी। तहसीलदार के सहयोग से मजदूर का दाह संस्कार हुआ। गांववालों की मदद से शुक्रवार को घर का चूल्हा जला। भाटपाररानी तहसील के मायापुर इमीलिया गांव के अमवा टोला निवासी 40 वर्षीय भगवानदास नोटबंदी के कारण 20 दिन से बेरोजगारी का सामना कर रहा था।
इससे मजदूर के घर का चूल्हा ठंडा पड़ गया था और भोजन नहीं मिल पा रहा था। इसी बीच मजदूर की तबीयत अचानक बिगड़ गई और बुधवार रात मौत हो गई। मजदूर की पत्नी रब्बी देवी ने भूख से मौत होने की बात कही। पोस्टमार्टम के बाद शाम को दरवाजे पर लाश पहुंची तो तहसीलदार ओपी गोस्वामी ने दाह संस्कार के लिए एक हजार रुपये नकद, परिवार को कंबल दिया। कोटेदार से 50 किलो चावल और गेहूं दिलवाया।
मजदूर का दाह संस्कार उसके भाई हृदयानंद ने छोटी गंडक नदी के किनारे किया। पत्नी को पति के ब्रह्मभोज के खर्च की चिंता सता रही है। तहसीलदार ओपी गोस्वामी ने बताया कि दाह संस्कार और भोजन के लिए व्यवस्था कर दी गई है। मौत की वजह मालूम होने के बाद जो भी सरकारी मदद होगी, मुहैया कराई जाएगी। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक पोस्टमार्टम में मजदूर के पेट में अनाज का कुछ अंश होने और फेफड़े में संक्रमण होने की बात सामने आई है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अध्ययन के बाद ही प्रशासन का अगला कदम स्पष्ट होगा। इस बीच पीड़ित परिवार की मदद के लिए किसी समाजसेवी संस्था या जनप्रतिनिधि के आगे न आने की चर्चा भी गांव में रही।