भागलपुर। ब्लॉक के मईलौटा गांव के देवारा में अचानक आग लगने से किसानों की करीब 40 एकड़ गेहूं की फसल जलकर गई। किसानों ने इसका दोष प्रशासन पर मढ़ा है। उनका आरोप है कि प्रशासन ने चारागाह की भूमि नापने में देर कर दी, जिसे किसानों का फसल कटाई समय से नहीं हो सकी।
प्रशासन की तरफ से गोचर के नाम पर फसल काटने पर रोक लगी हुई थी। दो दिन पहले ही 16 लेखपाल 3 कानूनगो और बरहज के नायब तहसीलदार राहुल गुप्ता की देखरेख में मईलौटा में पैमाइश कर देवराहा बाबा आश्रम के चारागाह भूमि को अलग कर दिया था। जिसने चारागाह में गेहूं बोया था, उसकी फसल प्रशासन ने उसी दिन कटवा दी थी। अब सिर्फ किसानों की ही फसल बची थी। किसान फसल काटने की फिराक में थे, इससे पहले ही खेतों में आग लग गई। यूपी-100 पुलिस व दमकल की गाड़ी जब तक पहुंचती तब तक 40 एकड़ फसल जल चुकी थी। गांव के राजन, रितेश, बाडू, अमरजीत, जितेन्द्र राममनोहर, दीवान, सतेन्द्र, लक्ष्मन, केदार, मकसूदन, मुकेश, हरिराज, छटृठू, सुरज सहित सैकड़ों युवकों ने मशक्कत कर आग पर काबू पाया। अगलगी से मईलौटा के देवारा में बृजबिहारी, मुन्ना मल्लाह, केदार साहनी, मंगरु यादव, वृद्धिचंद यादव, भोला साहनी, केशव मौर्य, पुनिलाल, रामाज्ञा, रामाशीष, रामबड़ाई, रामप्रीत, रामवचन, गोरख आदि किसानों की फसल जली है।
आग में झोपड़ी और गेहूं जला
भाटपाररानी। थाना क्षेत्र के ग्राम खरोहवा दुबे में रविवार को विद्युत तारों की स्पार्किंग से लगी आग में एक झोपड़ी, दो खोप और उसमें रखा कई क्विंटल गेहूं, भूसा जल गया। फायर ब्रिगेड व ग्रामीणों की मदद से आग बुझाई जा सकी। ग्राम खरोहवा दुबे में जितेंद्र यादव, सुरेंद्र यादव, देवेंद्र यादव, गया यादव आदि के दरवाजे से विद्युत आपूर्ति का तार गुजरा था। दोपहर में एक पोल के ऊपर तारों की स्पार्किंग से निकली चिंगारी उनकी एक झोपड़ी पर गिर गई। इससे झोपड़ी धू-धूकर जलने लगी। आग फैल कर इन लोगों के दो खोप में भी पकड़ लिया। खोप में रखा 10 क्विंटल गेहूं, भूसा जल गया।