रामपुर कारखाना के हिरंदापुर मोड़ में चेकिंग के दौरान पुलिस ने चोरी की दो बाइक के साथ दो शातिर वाहन लिफ्टर को पकड़ लिया।
उनकी निशानदेही पर पुलिस ने कई जगहों पर दबिश दी लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली। पकड़ा गया वाहन लिफ्टर बाइक चोरी के मामले में पहले भी जेल जा चुका है।
फिलहाल पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।
मंगलवार की रात एसओ देवेन्द्र विक्रम सिंह, उप निरीक्षक भरत राय फोर्स के साथ हिरंदापुर के पास वाहन चेकिंग कर रहे थे। दो बाइक से आ रहे युवक पुलिस को देखकर भागने लगे। दोनों को पुलिस ने पकड़ लिया।
पूछताछ में उनकी पहचान इलाके के बलटिकरा निवासी यूसुफ और गौरीबाजार के सोनाड़ी निवासी गिरिश नरायण गुप्ता के रुप में हुई।
उन्होंने दोनों बाइक चोरी की होना स्वीकार किया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की। पड़ताल में पता चला कि यूसुफ करीब डेढ़ साल पहले चोरी की पांच बाइक के साथ पकड़ा गया था।
जमानत पर जेल से बाहर और फिर चोरी की घटनाओं को अंजाम देने लगा। चोरी की बाइक बिहार से लेकर कुशीनगर में सप्लाई देता था।
पुलिस ने वाहन लिफ्टर की निशानदेही पर कई जगहों पर दबिश दी। दोनों वाहन लिफ्टर के साथियों की तलाश में पुलिस जुटी है। एसओ देवेन्द्र विक्रम सिंह ने बताया कि दोनों वाहन लिफ्टर को जेल भेजा गया है। उनसे पूछताछ के आधार पर साथियों की तलाश की जा रही है।
उधर बरहज के जिला अस्पताल परिसर से 23 अक्टूबर को चोरी हुई बाइक भलुअनी पुलिस ने बुधवार को रोहुआर चौराहे के पास से बरामद कर लिया। बाइक के साथ चोर को भी पकड़ लिया है। पूछताछ के बाद पुलिस ने उसे जेल भेज दिया।
देवरिया निवासी रामनाथ चौहान 23 अक्टूबर को बाइक से जिला अस्पताल गए थे। वहां से उनकी बाइक चोरी हो गयी थी। मंगलवार को किसी ने चोर को बाइक के साथ देखा और इसकी जानकारी उन्हें दी।
रामनाथ चौहान की सूचना पर पुलिस ने बेलडाड़ कठिनाईया मार्ग पर रोहुआर चौराहे के पास से तेनुआ चौबे निवासी दूरभाष राजभर को बाइक सहित गिरफ्तार कर लिया।
एसओ दिव्य प्रकाश सिंह ने बताया कि बाइक चोरी के आरोप में युवक को जेल भेज दिया गया है। बाइक भी उसके पास से बरामद की गयी है।