रुद्रपुर के दोआबा में लगी भीषण आग को बुझाने में लगे किसान और युवक।
दोआबा क्षेत्र के आठ गांवों में मंगलवार को भीषण आग लगने से करीब दो हजार एकड़ गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। आग का तांडव करीब तीन घंटे तक चला। सरेह में उठती आग की लपटों से चारों तरफ कोहराम मच गया। देखते ही देखते किसानों के आंख के सामने उनकी पसीने की कमाई जलकर नष्ट हो गई। आग पर काबू पाने का गांव वालों ने काफी प्रयास किया लेकिन पछुआ हवा के थपेड़ों के बीच आग बेकाबू होती चली गई। आग बुझाने के लिए तीन घंटे बाद फायर बिग्रेड की गाड़ी पहुंची। तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था।
आग बुझाने में फायर बिग्रेड के सहयोग नहीं करने से गांव वालों में गुस्सा था। दिन में दो बजे एकौना के सरेह में चल रहे कंबाइन मशीन की चिमनी से निकली चिंगारी ने आठ गांव के लोगों को दाने दाने का मोहताज बना दिया।
पड़ौली के सिवान से भड़की आग तेजी से फैलती चली गई। नरायनपुर, नगवा, मराछी टोला, गरयाकोल, बकरुआ और भेड़ी के करीब सात हजार किसानों की दो हजार एकड़ गेहूं की फसल जल गई। आग का तांडव तीन घंटे तक चला। आग से मचे कोहराम के बीच एसडीएम राकेश सिंह और सीओ डॉ अजय कुमार सिंह ने किसानों को ढ़ाढ़स बधांया। उन्होंने उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया।
नरायनपुर,नगवा, एकौना सहित आठ गांव के किसानों को आग ने खून के आंसू रुला दिया। पछुआ हवा के बीच उठ रही आग की लपटों ने किसानों के खेत की फसल के साथ सारे अरमान जला दिए। खेती में लगातार घाटा सह रहे किसानों के आंख से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहा था। उनके आंखों के सामने जल रही फसल को देखकर महिलाएं छाती पीट रही थी। एकौना गांव की जितनी देवी खेत में जलती फसल को देखकर बेहोश हो गई। नेताओंे ने घटना स्थल पर पहुंचकर आश्वासन दिया है।