रुद्रपुर। आय और जाति प्रमाण पत्र में कूटरचना कर राजकीय धन का गबन करने का प्रयास और परीक्षा फार्म की ऑनलाइन फीडिंग में लापरवाही उजागर होने पर रामजी सहाय पीजी कॉलेज के दो क्लर्क को सस्पेंड कर दिया गया है। प्रबंधन समिति ने डीएम के निर्देश पर सोमवार को दोनों कर्मचारियों को निलंबित किया।
प्रबंधक चंद्रप्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि पीजी कॉलेज के कार्यालय प्रमुख सुनील जायसवाल और टंकण सुशील श्रीवास्तव को निलंबित किया गया है। सुनील कुमार वर्षों से छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति का कार्य देख रहे हैं। शुल्क प्रतिपूर्ति में अनियमितता को लेकर महाविद्यालय के छात्रों ने जिलाधिकारी से शिकायत किया था। डीएम ने इस मामले में समाज कल्याण अधिकारी से जांच कराई। समाज कल्याण अधिकारी की जांच रिपोर्ट में बताया गया कि एक ही आय और जाति प्रमाण पत्र का पिता का नाम और पता बदल कर कई बार प्रयोग किया गया।
आरोप है कि जाति और आय प्रमाण पत्रों में कूटरचना की गई। समाज कल्याण अधिकारी की रिपोर्ट में दोषी पाए जाने पर कार्यालय अधीक्षक सुनील जायसवाल को प्रबंधक ने निलंबित कर दिया। दूसरा मामला परीक्षा फार्मों की ऑनलाइन फीडिंग में गड़बड़ी करने का रहा। ऑनलाइन फीडिंग की जिम्मेदारी पीजी कॉलेज में टंकण सुशील श्रीवास्तव को दी गई है। प्रबंधक ने बताया कि ऑनलाइन फीडिंग में 50 प्रतिशत से अधिक त्रुटियां पाई गई।
यह गलती जानबूझकर छात्र-छात्राओं से धन उगाही करने के उद्देश्य से किया जाना प्रतीत हो रहा है। ऐसे में घोर लापरवाही और अनियमितता के आरोप में टाइपिस्ट सुशील को सस्पेंड कर दिया गया है। दोनों मामलों में कॉलेज के दो प्राध्यापकों को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। प्रबंधक ने कहा कि निलंबित कर्मचारियों को प्राचार्य कार्यालय से संबंध किया गया है। उन्हें निलंबन अवधि में गुजारा भत्ता मिलता रहेगा।