रुद्रपुर के खोपा गांव में रविवार को दबंगों ने एक मकान की दीवार गिराने की कोशिश की। उन्होंने मकान के पीछे से दीवार खोद दिया। दबंग मकान पर कब्जा करने की नियत से उसे ध्वस्त करना चाहते हैं। दो कमरे की मकान मालिक आशा कार्यकर्ता की दो माह पहले मार्ग दुर्घटना में मौत हो चुकी है। उसकी दो बेटियां अपने भाई के साथ रहती हैं।
घटना की सूचना पर पुलिस के पहुंचते ही दीवाल गिरा रहे छह लोग वहां से भाग निकले। पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लिया है। खोपा गांव की रहने वाली मृतक आशा कार्यकर्ता चंद्रवती की मौत के बाद उसका बेटा सोनू अपनी बहन आकांक्षा और अमृता के साथ गांव में दो कमरे की पक्के मकान में रहता है। मां की मौत के बाद वह मेहनत मजदूरी कर बहनों को पाल रहा है। उसने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि गांव के कुछ दबंग उसकी मकान पर कब्जा करना चाहते हैं। उन्होंने उसे घर छोड़कर भाग जाने की धमकी भी दी थी।
रविवार को वह छह लोगों के साथ मकान की पीछे की दीवार को गिराने लगे। पीछे की दीवार गिराकर वह मकान ध्वस्त करना चाहते है। उन्हें रोकने पर उन लोगों ने उनकी बहनों को पीटा। दिनदहाड़े करीब आधी दीवार गिरा चुके दबंगों की करतूत की सूचना पुलिस को दी। पुलिस के गांव में आते ही वह मौके से फरार हो गए। पीड़ितों ने गांव के एक शख्स सहित छह लोगों के खिलाफ मकान गिराने और मारने पीटने की तहरीर दी है। इस बाबत थानाध्यक्ष एकौना अनिल कुमार सिंह ने कहा कि पुलिस मौके पहुंचकर मामले की जांच कर रही है। एक आरोपी को हिरासत में लिया गया है। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।