फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पवहारी महराज की पैकौली कुटी के मुख्य पुजारी की हत्या

Wed, 01 Jun 2016 01:05 AM IST
deoria
विज्ञापन
हत्या - फोटो : anoop tiwari
विज्ञापन
देवरिया। पवहारी महराज की पैकौली कुटी के मुख्य पुजारी प्रयाग दास की मंदिर परिसर में ही हत्या कर दी गई। परिसर से अष्टधातु की 13 मूर्तियां, सोने-चांदी के 15 मुकुट गायब हैं। पुलिस लूट के लिए हत्या की संभावना के साथ-साथ पुजारी की पृष्ठभूमि, संपत्ति विवाद जैसे बिंदुओं को भी जांच का आधार बना रही है। शव कब्जे में लेते समय पुलिस को मौके पर जुटे लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन


मंगलवार भोर में चार बजे इस वारदात का पता तब चला जबकि मंदिर परिसर में सुबह दौड़ और वर्जिश के लिए पहुंचने वाले आसपास के युवकों की वहां आमद हुई। रोज की तरह दरवाजा खुला नहीं मिला और आवाज देने पर भी मुख्य पुजारी प्रयाग दास बाहर नहीं आए। कुछ युवकों ने खिड़की से झांककर देखा तो आंगन में पुजारी का शव नजर आया, जिसके चारों तरफ खून फैला था। इसकी जानकारी देने पर आसपास के लोग जुटना शुरू हुए और पुलिस के पहुंचने तक परिसर तक बड़ी भीड़ उमड़ चुकी थी।

पुलिस ने शव के पास से चाकू बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक उनका गला काटा गया था और सीने पर भी चाकू के वार मिले हैं। पुलिस ने गोरखपुर से डॉग स्क्वॉड बुलाया, हालांकि खोजी कुत्ता कुछ खास नहीं कर सका। पुलिस ने जब शव उठाने की कोशिश की तो बढ़ते अपराधों का हवाला देकर लोग विरोध में आगे आ गए। कुछ लोगों ने पीठ के महंत पवहारी महराज को मौके पर बुलाने की मांग की। महराज के बलिया में होने का हवाला देकर और बदमाशों की जल्द गिरफ्तारी का भरोसा देकर पुलिस शव कब्जे में ले सकी।
विज्ञापन


 मठ के सातवें महंत पवहारी महराज राघवेन्द्र दास उर्फ रमेश दास रात में देवरिया पहुंचे। उन्होंने मामले के जल्द खुलासे की मांग के साथ पुलिस जांच में हर तरह के सहयोग की बात कही। हत्या का शिकार हुए मुख्य पुजारी प्रयाग दास (45) बिहार में शेखपुरा जिले के कैमरा गांव के मूल निवासी थे। एसपी प्रभाकर चौधरी का कहना है कि पहली नजर में लूट के दौरान हत्या का मामला लग रहा है लेकिन संपत्ति विवाद और मुख्य पुजारी के रिहायशी इलाके से जुड़े विवाद की संभावना को भी ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।


घड़ी के साथ बढ़ती गई भीड़

देवरिया। पवहारी महराज की पैकौली में मुख्य कुटी के अलावा कई स्थानों पर मंदिर, मठ, शैक्षिक परिसर होने के साथ अनुयायियों की संख्या भी काफी है। घटना का पता चलते ही बिहार, अयोध्या, बैकुंठपुर, बड़हलगंज में मौजूद परिसरों के संचालकों के  साथ-साथ दूसरे शहरों के अनुयायी भी मौके पर पहुंचने लगे। रात तक काफी भीड़ एकत्रित हो गई। इन सबके बीच मंदिर से करीब दो वर्ष पहले लाखों रुपये की कई मूर्ति चोरी होने की घटना भी चर्चा में आई। उस वक्त गतिरोध और विरोध के चलते महंत रमेश दास ने चोरी की घटना से इन्कार कर दिया था।
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें