मेहरौनाघाट। बेटे के जेल जाने से बीमार हुई मां की मौत हो गई। यह खबर मिलते ही हड़कंप मच गया। आनन-फानन मेें प्रशासन ने जेल में बंद बेटे को जमानत पर छोड़ा दिया। घर पहुंचे युवक ने पुलिस पर ज्यादती का आरोप लगाया। मूर्ति विसर्जन में बवाल और आगजनी के बाद मैरवा से शनिवार रात घर आ रहे नदौली गांव के हीरा यादव के 17 वर्षीय बेटे रंजीत यादव को कुछ लोगों ने मेहरौना बाजार में पिटाई करने के बाद पुलिस को सौंप दिया था।
पुलिस ने बिना पड़ताल किए युवक को जेल भेज दिया। बेटे के जेल जाने की खबर मिलते ही मां लवंगी देवी सदमे में आ गई। रविवार को घर वाले उसे सीएचसी ले गए। हालत गंभीर देख डॉक्टर ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। एक दिन जिला अस्पताल में इलाज चला। सुधार नहीं होने पर डॉक्टर ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, जहां गुरुवार को भोर में मौत हो गई।
ह खबर मिलते ही उसके दरवाजे पर भीड़ जुट गई और प्रशासन हरकत में आ गया। आनन-फानन में एसडीएम कोर्ट से रंजीत को जमानत मिली। गांववालों के सहयोग से शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। एसडीएम राजेश प्रसाद तिवारी ने कहा कि सदमे से मौत की बात लोग कह रहे हैं। घरवालों ने लिखित रूप से कोई ऐसा आरोप नहीं लगाया है।