खपा दी गई हरियाणा से आई अवैध शराब
- फोटो : Thinkstock
देवरिया में हरियाणा शराब की खपत से पुलिस के कान खड़े हो गए है। आबाकारी विभाग को बिना सूचना दिए पुलिस ने मामले को स्वंय संज्ञान में लिया है। पुलिस अब सरकारी गोदाम और दुकान के स्टाक चेक करने और मिलाने की बात कर रही है। पुलिस के हरकत में आने के बाद सिंडिकेट कारोबारी सर्तक हो गए है। करोड़ों रुपये का राजस्व घाटा होने के बाद भी आबकारी विभाग चुप्पी साधे हुए है।
गुरुवार की रात हरियाणा से अंग्रेजी शराब की खेप लेकर ट्रक मेहड़ापुरवांप पहुंचा था। छोटे कारोबारियों के माध्यम से अवैध शराब की जिले में होनी थी। इस बात की भनक आबकारी विभाग से जुड़े कुछ कर्मचारियों को हुई तो उन्होंने खोजबीन शुरू की। थोड़ी देर बाद ट्रक मेहड़ापुरवा से रवाना हो गया। इसको लेकर शनिवार को चर्चाओं का बाजार गर्म था। कोई कार्रवाई नहीं होने से दूसरा गुट नाराज हो गए। उसने मौखिक रुप से अवैध शराब की जानकारी कोतवाली पुलिस को दी। सूचना के बाद कोतवाली पुलिस हरकत में आई।
सूत्रों की मानने तो करोड़ो के कारोबार में निजी स्वार्थ के चलते दो गुटों के बीच टकराव के बाद पुलिस की दस्तक से मामला पेचिंदा हो गया है। प्रभारी कोतवाल ने बताया कि सूचना मिली थी। मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों के संज्ञान तक पहुंचा दी गई है। कुछ संदिग्ध दुकानों का स्टाक और शराब चेक करने के बाद ही हकीकत के बारे में जानकारी हो पाएगी। इस कार्रवाई के लिए आबकारी विभाग के लोगों का साथ रहना भी जरूरी है। गोपनीय रुप से शहर में जांच कराई जाएगी।