कार्तिक पूर्णिमा मेला के दौरान कुश्ती के आयोजन में दो गांव के लोग आमने सामने हो गए। सरयू नदी के तट पर दोनों गांव के लोगों ने एक दूसरे पर पत्थर चलाना शुरू कर दिया, जिससे घाट पर भगदड़ मच गई। घटना में 15 लोग घायल हो गए। भगदड़ के दौरान पुलिस ने भीड़ को काबू में करने का प्रयास किया। विवाद के बाद एएसपी समेत कई थानों की फोर्स मौके पर तैनात कर दी गई। लार के नदौली गांव के सरयू नदी घाट के किनारे बाबा सुभाग नाथ स्थान पर कार्तिक पूर्णिमा के दिन भव्य मेला लगता है। इलाके के लोग नदी में स्नान के लिए आते हैं। घाट पर इस साल भी दंगल का आयोजन किया गया। बुधवार को दिन में करीब 11 बजे दंगल में चुरिया टोला और गुठनी के तीर बलुआ गांव के पहलवान जोर आजमाइश कर रहे थे। चुरिया के पहलवान को तीर बलुआ के पहलवान ने पटखनी दे दी। इसके बाद दंगल आयोजक मंडल के सदस्यों ने दोनों पहलवानों को अलग-अलग कर दिया। इससे नाराज चुरिया टोला के युवक मारपीट करने लगे। दंगल स्थल पर मारपीट होने से मेले और नदी घाट पर अफरा-तफरी मच गई। दोनों गांव के लोग आमने-सामने हो गए। मेला की सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों ने बीच बचाव की कोशिश की, लेकिन बवाल उग्र हो गया। मारपीट के दौरान नदौली गांव के हरेन्द्र यादव, नरेश, भोलू, सोनू, मोनू बरनवाल, बुलबुल, राजनाथ तिवारी और चुरिया टोला के रणजीत यादव, अजय यादव, मनोज, नागेन्द्र, दुर्गेश, मन्नू सिंह घायल हो गए। लार एसओ विकास यादव मौके की नजाकत को भांपते हुए पीएसी और कई थाने की पुलिस की मांग कर दी। कुछ देर बाद एएसपी एनके सिंह, एसडीएम जयप्रकाश, सीओ, सलेमपुर, खामपार, भाटपाररानी समेत कई थाने की फोर्स और पीएसी के जवान पहुंच गए। पुलिस बल को देख दोनों पक्ष के लोग भाग खड़े हुए। माहौल को देखते हुए मेले में पीएसी बल और पुलिस तैनात कर दी गई है। इस बाबत एएसपी एनके सिंह ने बताया कि दोनों पक्ष के उत्पातियों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी।