देवरिया में एसपी प्रभाकर चौधरी ने थानेदारों की दक्षता की परीक्षा क्या ली, कई की कलई ही खुल गई। थाने में बैठकर रौबदार बातें करने वाले इंचार्ज अपने ही थाने के पांच हिस्ट्रीशीटर और इलाके के प्रधानों तक का नाम नहीं बता पाए। वर्षों से थाने पर मलाई काटकर जनता को गुमराह करने वाले दरोगाओं को विभागीय अधिकारियों के नाम में उलझ गए। परीक्षा के दौरान थानेदारों के ताक-झाक का मामला प्रकाश में आया है। रिजल्ट आने के बाद इन इंस्पेक्टर,थानेदारों और दरोगाओं की काबिल का पता चलेगा।
थानाध्यक्ष पद के चयन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चौधरी ने इंचार्जों के साथ कई दरोगाओं की परीक्षा कराई थी। कुल 26 प्रश्नों में थानेदारों के लिए प्रश्न नंबर एक अनिवार्य था। जिसमें पूछा गया था कि अपने इलाके के पांच हिस्ट्रीशीटरों के नाम और पता लिखें, दूसरे प्रश्न में इलाके के पांच ग्राम प्रधानों के नाम और गांव का नाम लिखना था। दोनों प्रश्न पांच अंक के थे। सूत्रों की माने तो कई थानेदार इलाके के पांच हिस्ट्रीशीटरों और थानेदारों के नाम तक नहीं लिख पाए।
164 सीआरपी का बयान कब जरूरी है और 169 सीआरपीसी की रिपोर्ट से क्या तात्पर्य है। इन प्रश्नों को जवाब जानने के लिए थानेदारों की ताकझांक करना पड़ा। थानाध्यक्ष के सामने गंभीर पांच कौन- सी चुनौतियां हैं और उनका समाधान कैसे किया जा सकता है। इसका उत्तर देने में कई थानेदारों के पसीने छूट गए। मजे की बात यह है कि प्रश्न नंबर 26 में जिले में थानों की संख्या, तहसील, ब्लॉक, जनसंख्या, विधायक विधानसभा, सांसद, लोकसभा, राज्यसभा सदस्य की संख्या, जनपद न्यायाधीश के नाम, सीमावर्ती जनपद के नाम, सभी क्षेत्राधिकारियों के अलावा इंस्पेक्टर एलआईयू (लोकल इंटेलिजेंस यूनिट) और (आरआई)प्रतिसार निरीक्षक के नाम पूछे गए थे।
सूत्रों की माने तो सीओ, एलआईयू इंस्पेक्टर और आर आई तक के नाम थानेदारों को नहीं पता था। परीक्षा के बाद जब थानेेदार बाहर निकले तो एक दूसरे से इसी बात को लेकर बहस कर रहे थे। परीक्षा के दौरान रुद्रपुर सर्किल के थानेदार अपने साथी एसओ से मदद मांगते कैमरे में कैद हो गए। तीन दिन में इन थानेदारों की दक्षता का पता चलेगा।
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एसपी की पहल की सराहना की
डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन ने दीवानी न्यायालय मेें एक बैठक की। जिसमें इंचार्ज के लिए एसपी प्रभाकर चौधरी द्वारा कराई जा रही परीक्षा की सराहना की गई। अध्यक्ष सिंहासन गिरी, पूर्व अध्यक्ष सुभाष चंद्र राव ने कहा कि एसपी की छवि जनता में अच्छी है। एसपी की नई पहल काबिले तारीफ है। इस दौरान श्रीराम तिवारी, मनोज मिश्र, बांके तिवारी, आनंद राय, शंभूनाथ सिंह, भीमसेन सिंह सहित कई अधिवक्ता मौजूद रहे।