देवरिया/गोरखपुर। देवरिया में 13 लाख के लूट समेत दस घटनाओं का पर्दाफाश हो गया। तीन लुटेरों की गिरफ्तारी कर पुलिस ने उनके पास से 12 लाख 35 हजार नकदी, दो बाइक, आठ मोबाइल, देसी पिस्तौल, ड्राइविंग लाइसेंस सहित कई सामान बरामद किए हैं। एसएसपी ने पुलिस टीम को पांच हजार का पुरस्कार देने की घोषणा की।
घटना की साजिश में शामिल मुनीम का सच सामने आने पर शराब कारोबारी जीतेंद्र सिंह पप्पू ने क्राइम ब्रांच की टीम को 21 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया। सोमवार को पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता में कर एसएसपी रामलाल वर्मा ने बताया कि ग्रामीण इलाके में बदमाश लगातार वारदात कर रहे थे। बेलघाट में हुई लूटपाट में जेल से छूटे बदमाश के शामिल होने की सूचना पर क्राइम ब्रांच काम कर रही थी।
सोमवार को क्राइम ब्रांच की सीआईयू टीम के प्रभारी अनिल उपाध्याय को बदमाशों के बारे में सूचना मिली। गगहा के इंस्पेक्टर रवींद्र कुमार पांडेय की टीम लेकर क्राइम ब्रांच बदमाशों की तलाश में जुट गई। क्षेत्र के जमीन लौहरपुर पुलिया के पास पुलिस ने दो बाइक सवार तीन युवकों को रोका। तलाशी में नकदी, असलहा, मोबाइल फोन बरामद होने पर पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
पूछताछ में उनकी पहचान उरुवा के हेमचौरा निवासी राहुल यादव, इसी क्षेत्र के प्रतापपुर निवासी मनीष यादव और बड़हलगंज के फरसाड़ निवासी राजेश कुमार यादव के रूप में हुई। राहुल का नाम आते ही टीम अन्य घटनाओं के पीड़ितों से संपर्क करने लगी, जिस पर अन्य घटनाओं का पर्दाफाश हुआ। लूट के मामले में राहुल कुछ माह पहले जमानत पर छूटा था।
वह अपने नए साथी मनीष के साथ मिलकर लूटपाट कर रहा था। शराब पीने के दौरान देवरिया के मदनपुर में मुनीम राजेश से उनकी जान पहचान हुई। राहुल और मनीष ने राजेश से मिलकर शराब कारोबारी की नकदी लूटने की योजना बनाई।