जमुआ नंबर दो गांव में व्यापारी के घर पहुंचे डकैतों ने पांच लाख के जेवर और 25 हजार रुपये नगद लूट लिया। शोर मचाने पर बदमाशों ने महिला और बच्ची को मारपीट कर लहूलुहान कर दिया। बीचबचाव करने आए परिवार के अन्य सदस्यों को भी डकैतों ने पीटा। जिले में चार दिन के भीतर दूसरी डकैती से गुस्साए लोगों ने थाने का घेराव कर प्रदर्शन किया। हाजी शाहजहां आलम हार्डवेयर की दुकान चलाते हैं। मंगलवार की रात महिलाएं कमरे में और पुरूष बरामदे मेें सोए थे। रात करीब 1 बजे बारह डकैत पीछे के रास्ते छत पर चढ़कर घर में दाखिल हो गए। सबसे पहले वह रूबाना खातून के कमरे की कुंडी तोड़कर अंदर घुसे। कच्छा-बनियान पहने और हाथ में डंडा, असलहा लेकर घर में घुसे लोगों को देखते ही रूबाना शोर करने लगी। शोर सुनकर घबराए डकैतों ने रूबाना के सिर पर डंडे से मार दिया जिससे वह लहूलुहान हो गईं। रूबाना शोर मचाते हुए घर से बाहर निकली। शोर सुनकर परिवार के पुरूषों की नींद खुल गई। वह जब तक कुछ समझ पाते डकैत खुद भी बाहर आ गए और शोर मचाने पर सभी को जान से मारने की धमकी दी। विरोध करने पर डकैतों ने पुरुषों से भी मारपीट की जबकि छह साल की मासूम चांद का हाथ तोड़ दिया। करीब आधा घंटा तक घर के अंदर से बाहर तक डकैत तांडव मचाते रहे। डकैतों ने सभी महिलाओं के शरीर से गहने उतरवा लिया।साथ ही करीब 25 हजार रुपये नगदी और पांच लाख का जेवर भी समेट लिया। डकैत खेतों के रास्ते फरार हो गए। डकैतों के हमले में शाह आलम, अफरोज, सफरोज, पिंटू को भी मामूली चोटें आईं। डकैती की सूचना पर पहुंची पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी। बुधवार की सुबह डकैती की खबर मिलते ही गांव के लोग बड़ी संख्या में जुट गए और कोतवाली का घेराव कर प्रदर्शन किया। घायल रूबाना और करिश्मा का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।