बैंक अकाउंट हैक कर शापिंग करने और ट्रेन का टिकट बुक कराने जैसी साइबर क्राइम की घटनाएं दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं। बैंक में रखे पसीने की कमाई गंवाने के बाद लोग बैंक और पुलिस का चक्कर काट रहे हैं। लेकिन उनकी रकम वापस नहीं मिल पा रही है। जालसाजों ने दो लोगों का 1.7 लाख रुपये उनके अकाउंट से निकाल लिया है। पीड़ित ने इसकी शिकायत कोतवाली पुलिस से की है।मईल थाना क्षेत्र के सरया गांव निवासी वियज कुशवाहा सलेमपुर नगर में प्रिंटिंग प्रेस चलाते हैं। स्टेट बैंक चकरा गोसाई में इनकी पत्नी मधु कुशवाहा और विजय कुशवाहा का ज्वाइंट अकाउंट है। सोमवार को सोहनाग रोड स्थित केनरा बैंक के एटीएम कार्ड से बैलेंस चेक किया तो अकाउंट में 7458 रुपये था। मंगलवार को वह रकम निकालने बैंक पहुंचे तो कैशियर ने अकाउंट में शून्य रुपये बताया। दुकानदार ने इसकी शिकायत शाखा प्रबंधक से की। वहीं लार नगर के घारी वार्ड निवासी तेजबहादुर ने सलेमपुर नगर के स्टेट बैंक एटीएम मशीन से 10 दिसंबर को 10 हजार रुपये निकाला। एटीएम में मौजूद जालसाज ने इनका एटीएम कार्ड बदल दिया और नीरज साहनी के नाम का एटीएम कार्ड थमा दिया। उस वक्त तेजबहादुर ने ध्यान नहीं दिया। मंगलवार को तेजबहादुर ने लार एटीएम मशीन पर रकम निकालने लिए एटीएम कार्ड लगाया तो उन्हें इस बारे में पता चला। इसके बाद तेजबहादुर शाखा प्रबंधक बीके श्रीवास्तव से संपर्क किया। शाखा प्रबंधक की जांच में एटीएम कार्ड बदलने और अकाउंट से एक लाख रुपये कई बार में निकलने की जानकारी हुई। पीड़ित ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।