देवरिया में मंदबुद्धि को बंधक बनाकर फिरौती मांगने के मामले का एकौना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने बंधक बनाए गए व्यक्ति को दूसरे भाई के सामने खड़ा कर दिया। एकौना एसओ की मानें तो अपहृत व्यक्ति ने डीआईजी के पास भाई के खिलाफ शिकायती पत्र दिया है। दोनों तरफ से शिकायती पत्र का हवाला देकर पुलिस ने केस दर्ज करने से इन्कार कर दिया।
एकौना थानाक्षेत्र के नरायनपुर के हरिकेश ने एसपी प्रभाकर चौधरी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उनके भाई को तथाकथित डॉक्टर ने बंधक बनाकर जमीन का बैनामा करा लिया है। भाई सूरज को छोड़ने के एवज में वह रुपये की मांग कर रहा था। ढाई माह से एकौना थाने में शिकायत की जा रही है लेकिन पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया। आरोपी भाई की हत्या कर सकते हैं। एसपी प्रभाकर चौधरी ने मामले की जांच कर तत्काल कार्रवाई की बात कही। एसपी के तेवर से एकौना पुलिस सकते में आ गई।
बुधवार को पुलिस के बुलाने पर हरिकेश एकौना थाने पहुंचा। जहां हलका दरोगा से उसकी मुलाकात हुई। हरिकेश ने बताया कि एसपी से शिकायत और खबर छपने के बाद थाने के पुलिसकर्मी नाराज थे। उन्होंने उल्टे धोखाधड़ी के केस में फंसाने की धमकी दे डाली। पुलिस के रवैए से आहत हरिकेश निराश होकर घर लौट आया।
एसओ एकौना अनिल सिंह ने बताया कि हरिकेश थाने पर नहीं आया था। उसने जिस भाई सूरज को बंधक बनाए जाने की शिकायत एसपी से की है, उसी भाई ने डीआईजी के पास शिकायती पत्र दिया है कि मैंने जमीन अपनी मर्जी से बैनामा की है। भाइयों से ही मुझे खतरा है। दोनों तरफ से शिकायती पत्र मिला है। कौन सही है, जांच कराई जा रही है। जल्द ही सच्चाई सामने आ जाएगी। लेकिन ढाई माह बाद अचानक सूरज की ओर से डीआईजी को शिकायती पत्र देना किसी के गले नहीं उतर रहा है।