देवरिया। मदनपुर थाना फूंकने के मामले में आरोपी एक व्यक्ति के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
डीएम और एसपी ने आरोपी को रासुका में निरुद्घ कर दिया है। शासन से इसकी संस्तुति मिलनी बाकी है। थाना फूंकने के मामले में कुल 17 लोगों पर रासुका के तहत कार्रवाई होनी है। शासन से इसकी संस्तुति के लिए भी फाइल तैयार की जा रही है। चार जनवरी को मदनपुर के केवटलिया नदी के किराने रहमतुल्लाह का शव मिला था।
साजिश के तहत लोगों ने भीड़ को एकत्र किया। हथियारों के साथ प्रदर्शन करते हुए थाने पर पहुंचे और पुलिस वालों के साथ मारपीट करने लगे। थाने का मालखाना लूट लिया गया, पुलिस के वाहनों सहित थाने में खड़ी गाड़ियों को फूंक दिया गया। भीड़ ने कंप्यूटर सहित थाने के सभी दस्तावेज में आग लगा दी थी। पुलिस ने इस मामले में 42 नामजद सहित एक हजार अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया था। तत्कालीन एसपी मोहम्मद इमरान की उदासीनता की वजह से आरोपियों पर रासुका की कार्रवाई नहीं हो सकी थी।
आईजी मोहित अग्रवाल ने भी एक माह पहले कार्रवाई का भरोसा दिया, लेकिन उनका भी आदेश अमल में नहीं आया। एसपी राजीव मल्होत्रा ने मदनपुर कांड की पत्रावलियों की समीक्षा की। कई जगहों पर पुलिस की लापरवाही उजागर हुई। उन्होंने इंस्पेक्टर प्रभातेश को हिदायत दी और सभी आरोपियों के खिलाफ तत्काल रासुका की कार्रवाई शुरू करने को कहा। सोमवार को मदनपुर थाना फूंकने में आरोपी डॉक्टर अशफाक उर्फ नेहाल निवासी मदनपुर के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई।
इंस्पेक्टर ने यह कार्रवाई डीएम और एसपी से संस्तुति मिलने के बाद की है। इसके अलावा अन्य नामजद आरोपियों के खिलाफ रासुका की कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। आरोपी नेहाल रासुका के तहत निरुद्घ हो गया है। उसकी फाइल शासन में जाएगी। जहां पर डीएम और एसपी को पेश होना पड़ेगा। शासन से संस्तुति मिलने पर रासुका लग जाएगा।