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बलिया में ठेका, देवरिया में हो रहा था खनन

Mon, 03 Dec 2018 12:19 AM IST
deoria
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ठेकदारों द्वारा जमा किया गया बालू। - फोटो : amar ujala
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भागलपुर। सरयू नदी में बलिया जिले की सीमा में हुए खनन ठेका की आड़ में देवरिया की सीमा के डेंजर जोन में खनन कराने का मामला सामने आया है। मौके पर पहुंची राजस्व टीम ने खनन क्षेत्र को जिले का हिस्सा बताते हुए कार्य रोकवा दिया। उच्चाधिकारियों को भी सूचना दी। हालांकि, ठेकेदार बार-बार खनन बलिया जिले में होने की दलील देता रहा। पुलिस ने खनन कार्य रोकवा दिया है। बलिया और देवरिया जिले के राजस्व कर्मी संयुक्त रूप से पैमाइश के बाद इस पर फैसला लेंगे। 
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बलिया के बेल्थरारोड तहसील के खैराखास गांव में गाटा संख्या 593 में बालू खनन का टेंडर हुआ है। आरोप है कि इस पट्टे की आड़ में ठेकेदार देवरिया की सीमा में भी खनन करा रहा है। मंगलवार को डीएम की चौपाल के मद्देनजर रविवार को राजस्व टीम कानूनगो दिनेश नाथ मिश्र के नेतृत्व में भागलपुर पहुंची थी। टीम में लेखपाल रोशन मिश्रा, धर्मेंद्र गुप्ता, चंद्रशेखर कुमार, उमाशंकर विश्वकर्मा शामिल रहे। राजस्व रिकॉर्ड में भागलपुर के गाटा संख्या 84 खादर में सरयू नदी दर्ज थी, जिसे डेंजर जोन घोषित किया गया है। मौके पर वहां दो पोकलेन व जेसीबी से खनन हो रहा था। नक्शे के आधार पर नाव से नदी को नापते हुए खनन वाले स्थान पर पहुंचे। स्थिति को देखते हुए मईल पुलिस को सूचना दी गई। सूचना पर पहुंचे मईल एसओ शुभनरायण दुबे ने एसआई आशुतोष कुमार को भागलपुर पुल पर भेजा। पक्के पुल को पार कर नदी के दूसरे छोर पर हो रहे खनन वाले स्थान जाकर खनन को रोक दिया। बलिया जिले के खैरा खास गांव के लेखपाल को सूचना देकर मौके पर बुलवाया। काफी प्रयास के बाद सीमा विवाद पर सहमति नहीं बनी। बाद में यह तय किया गया कि आगामी रविवार को बरहज की राजस्व टीम और बलिया के बेल्थरा तहसील की राजस्व की टीम एक साथ बैठकर भूमि की पैमाइश करेगी। तब तक ठेकेदार को हिदायत देते हुए खनन पर रोक लगा दी गई। चेतावनी दी गई कि अगर इस दौरान खनन हुआ तो कानूनी कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की जाएगी। ग्राम प्रधान भागलपुर गुलाब यादव ने बताया कि गत वर्ष भी भागलपुर के क्षेत्र में अवैध रूप से खनन हुआ था। इस वर्ष भी खनन हो रहा है। लाखों रुपये के राजस्व की हानि हुई है।
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