देवरिया। हादसे के बाद हालात ऐसे बिगड़े कि पुलिस को नियंत्रित करने में पसीने छूट गए। टूटी बस पुलिस के आंख के सामने आग के गोले में तब्दील हो गई। बेबस पुलिस कुछ न कर सकी। कमजोर रणनीति से मुठ्ठी भर लोग सड़क पर तांडव करते रहे। हमदर्दी साथ जुड़ी तो उपद्रव का नजारा बदल गया।
दो-दो जगह आगजनी हुई और पुलिस इधर-उधर भागती रही।
सीओ और कोतवाल ने कड़ाई कोशिश की लेकिन फोर्स की कमी से उसे बैकफुट होना पड़ा। अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पुलिस शव को कब्जे में लेने के लिए घंटों मशक्कत करनी पड़ी। दिन में तीन बजे शुरू हुआ तांडव शाम साढ़े सात बजे तक चलता रहा। नाथनगर-सकेत नगर में दोपहर तक सबकुछ ठीक ठाक था। ढाई बजे के करीब बच्चे स्कूल से घर लौट रहे थे।
सूर्या अकादमी की बस मोहल्ले में बच्चों को छोड़ने पहुंची थी। चालक की लापरवाही ने चंद मिनट में स्थिति को बदल दिया। बस और साइकिल की टक्कर के बाद अमित श्रीवास्तव बस में फंस गया लेकिन चालक ने ब्रेक लगाने की जगह गाड़ी की गति बढ़ा। इससे वह घसीटा हुआ कुछ दूर चला गया।
लोगों को उसे अस्पताल पहुंचाने का मौका नहीं मिला और उसने मौके पर दम तोड़ दिया। चालक गाड़ी छोड़ कर भाग निकला। हादसे की खबर मोहल्ले में आग की तरह फैल गई। सैकड़ों लोग हमदर्दी में आगे आए तो रही कसर पुलिस ने पूरी कर दी। 100 का फोन नहीं उठा, कोतवाली से संपर्क हुआ। आरोप है कि पुलिस आधे घंटे देर से पहुंची। नाराज लोगों ने बस में तोड़फोड़ की। बस को धक्का मारते हुए खरजरवां रोड ले जाकर आग के हवाले कर दिया गया।