200 प्रशिक्षु पुलिसकर्मी बगीचे, पोखरे, कुएं सहित परिसर की तलाशी ली।
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देवरिया। पुलिस पैकौली कुटी के मुख्य पुजारी प्रयाग दास की हत्या की गुत्थी सुलझाने का दावा कर रही है, लेकिन मंदिर से लूटी गई मूर्तियों की बरामदगी नहीं कर सकी है। एसपी प्रभाकर चौधरी का कहना है कि पुजारी की हत्या में शामिल आरोपी बेनकाब हो चुके हैं, पुलिस के पास प्रयाप्त सबूत मिल चुके हैं।
सिर्फ मूर्तियों की बरामदगी बाकी है। पूछताछ के लिए हिरासत में लिए गए संदिग्धों ने बकायदे मंदिर में पीछे के रास्ते दाखिल होकर, पुजारी की हत्या तक का डेमो एसपी के सामने प्रस्तुत किया। नकडीहा निवासी युवक की निशानदेही पर पुलिस ने प्राचीन पोखरे से एक त्रिशूल का बरामद किया, हिरासत में लिए गए आरोपियों का दावा है कि हत्या के बाद मूर्ति को पोखरे में रखा गया था।
हालांकि पुलिस के हाथ मूर्ति नहीं लगी है। वहीं पुलिस का कहना है कि हत्या के दिन मंदिर परिसर में दावत खाने वाले दो लोगों को संदेह के आधार पर पकड़ा गया था। सात दिनों तक पूछताछ हुई। इस दौरान उन्होंने पुलिस को चकमा दिया। छूटने के बाद उन्होंने मंदिर परिसर के पोखरे में मूर्ति को हटाकर कहीं और रख दिया है। इस दौरान पुलिस ने अगया गांव के एक पोखरे की भी तलाशी कराई थी।
शुक्रवार की दोपहर मंदिर परिसर में करीब 200 की संख्या में प्रशिक्षु पुलिसकर्मी पहुंचे, उन्होंने मंदिर के बगीचे, पोखरे, कुएं सहित परिसर के अन्य हिस्सों की तलाशी ली। लेकिन मूर्तियों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली।
वहीं, गुरुवार की रात एसपी ने नकडीहा, विशुनपुरा और अगया निवासी संदिग्धों से रात भर पूछताछ की। फिलहाल मूर्तियों के नहीं मिलने से पुलिस की कहानी पर इलाके के लोग कितना विश्वास करेंगे वह आने वाला समय बताएगा। हालांकि बागबान और उसके साथी के बार बार बयान बदलने और झूठ बोलने से पुलिस परेशान है। संभव हुआ तो पुलिस दोनों को लाइडिटेक्टर टेस्ट भी करवा सकती है।