अमरजीत की हत्या के बाद जाम किए लोगों से वार्ता करते पुलिस अधीक्षक।
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भाटपाररानी/बनकटा। अमरजीत की हत्या सुनियोजित तरीके से की गई। गन्ने के खेत में घात लगाए पहले से बैठे बदमाशों ने गोली मारने के बाद युवक के शरीर को चाकुओं से गोद दिया। घटना स्थल से करीब दो किमी दूर स्याही पुल के पास युवक की बाइक पुलिस ने बरामद कर लिया। पुलिस के टारगेट पर लोकल बदमाश हैं लेकिन किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। पुलिस लेनदेन और अन्य बिंदुओं पर भी काम कर रही है।
खामपार के बड़हरिया गांव के अमरजीत कुशवाहा करीब आठ साल से पड़री बाजार में महालक्ष्मी टूर ट्रैवेल्स के नाम से दुकान चलाते थे। वेस्टर्न यूनियन का काम भी करते थे। वह मिलनसार और घर के अकेले कमाऊ सदस्य थे। मेहनत की बदौलत घर की माली हालत ठीक हो गई थी। अक्सर रात में दुकान से कैश लेकर घर जाते थे। कुछ साल से छोटा भाई विक्रम भी काम में हाथ बंटाने लगा था।
विक्रम के अनुसार बाइक रुकते ही दो बदमाश भोजपुरी में बोले, बहुत उड़त रहली। इसके बाद दूसरा बदमाश रुपये से भरा बैग लूट लिया। विरोध करने पर एक बदमाश ने अमरजीत पर तीन फायर झोक दिए लेकिन दो मिस हो गई। एक गोली पीठ में जा घुसी। अन्य बदमाश चाकुओं ने हमला करने लगे। विक्रम की बदमाशों ने डंडे से पिटाई की लेकिन अंधेरे का लाभ उठाकर वह भाग निकला।