मदनपुर के ठकुरदेवा पांडेय देवकली में दो लोगों के विवाद में दो जन्मांधों का सबकुछ जल जाने के बाद मायुस बैठे जन्मांध
मदनपुर के ठकुरदेवा गांव के पांडेय देवकली टोले पर बुधवार को शाम रंजिश में लगाई गई आग ने दो जन्मांध भाईयों का आशियाना के साथ उनके रोजी रोटी कमाने का साधन भी तबाह कर दिया। जन्म से अंधे दोनों भाई लोगों के घर भजन कीर्तन और शादी ब्याह में गाना बजाना कर परिवार का भरण पोषण करते हैं। आग में घर गृहस्थी के सामान के साथ वाद्य यंत्रों के जलकर नष्ट हो जाने से उनके सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
ठकुरदेवा गांव के रमायन और रामाश्रय दोनों सगे भाईयों को जन्म से दिखाई नहीं देता । ईश्वर ने उनके आंखों को रोशनी तो नहीं दी लेकिन गाने बजाने का हुनर देकर जन्मान्धता मजबूरी नहीं बनने दी। दोनों भाई गाने बजाने में महारथ हासिल कर उसे रोजी रोटी का साधन बना लिए। दोनों भाईयों का परिवार खुशी से चल रहा था, लेकिन बुधवार को गांव में रंजिश से भड़की चिंगरी ने उनके सामने बड़ी समस्या खड़ी कर दी। गांव के कैलेश्वर पासवान ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि जमीन के विवाद में गांव के दो लोगों ने उसकी झोपड़ी में आग लगा दी।
आग बढ़ने के बाद गांव के लोगों आग बुझाने में जुट गए। इसी दौरान उसकी झोपड़ी से एक चिंगारी निकल कर जन्मांध भाईयों के मकान पर गिरी। देखते ही देखते रमायन और रमाश्रय की मकान धू धू कर जलने लगी। दोनों भाई किसी काम से गांव के बाहर गए थे। रमायन की पत्नी शोभा बड़ी मश्कत से दोनों भाईयों की मेहनत से बनाया गया आशियाना को जलता देख छाती पीट कर रो रही थी। उसकी आंखों के सामने मकान जल कर राख हो गया। मकान के अंदर रखा हारमोनियम, ढ़ोलक और अन्य वाद्य यंत्र में जल कर राख हो गए।
मकान में आग लगने की सूचना पर दोनों भाई भाग कर घर आए। वे राख में वाद्य यंत्रों को तलाश रहे थे। उन्होंने कहा कि घर के साथ वाद्य यंत्र नष्ट हो जाने से उनकी रोजी रोटी संकट में पड़ गई है। वाद्य यंत्रों को खरीदने के लिए उनके पास रकम भी नहीं है। ऐसे में आजीविका पर संकट आ गया है। मुसीबत से कैसे निकले इसकी राह नहीं मिल रही। हालांकि उन्हें अपने हुनर पर भरोसा है। उन्होंने कहा कि हुनर साथ में है इसे कोई छीन नहीं सकता। इस मुसीबत से बाहर आने में यह ही काम आएगा।