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ढाई घंटे तक चलता रहा बवाल

Wed, 04 Jan 2017 10:59 PM IST
देवरिया
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मदनपुर थाने में ढाई घंटे खौफ का मंजर रहा। - फोटो : अमर उजाला
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सुनील सिंह/ विश्वविजय त्रिपाठी
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देवरिया/रुद्रपुर। मदनपुर थाने में ढाई घंटे खौफ का मंजर रहा। उपद्रवियों ने थाने को कब्जे में लेकर जो चाहा, जैसे चाहा, वैसे किया। पुलिसवालों की पिटाई के बाद थाने को आग के हवाले कर दिया। सीओ रुद्रपुर, इंस्पेक्टर रुद्रपुर और मदनपुर समेत मौजूद सभी पुलिसवाले जान बचाने के लिए छिपते रहे। जिलेभर की फोर्स और पीएससी के पहुंचने के बाद ही मामला काबू में आया।

देर शाम तक गोरखपुर से पुलिस के उच्चाधिकारी मौके पर पहुंच गए।  
मदनपुर गांव के कोटिया मोहल्ले के फैज मोहम्मद के बेटे रहमतुल्ला की मौत का मामला इतना तूल पकड़ेगा किसी को अंदाजा नहीं था। बुधवार की सुबह रहमतुल्ला का शव मिलने पर गांव के लोग पहुंच गए। सूचना पर इंस्पेक्टर मयफोर्स मौके पर पहुंच गईं। रहमतुल्ला का शव मिलने से कोटिया मोहल्ले के लोगों को गुस्सा फूट पड़ा। दिन के 11 बजे इंस्पेक्टर के पहुंचने से पूर्व सैकड़ों की संख्या में युवकों ने थाने के गेट को घेर लिया।
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इंस्पेक्टर की गाड़ी किसी तरह थाने में पहुंची। लाठी, डंडा, ईंट-पत्थर से लैस उपद्रवियों ने हमला बोल दिया। सीओ, दोनों इंस्पेक्टर और मौजूद पुलिसवाले जान बचाने के लिए भागे। फिर उपद्रवियों ने थाने को कब्जे में ले लिया। पेट्रोल छिड़ककर वाहनों में आग दी। थाने के रिकॉर्ड फूंक दिए गए। मालखाना में रखे असलहे जला और लूट लिए गए।
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उपद्रवियों के उग्र रूप को देखकर दूसरे थानों से आ रही फोर्स अंदर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाई। अधिक फोर्स, एसपी, एएसपी और पीएसी के आने के बाद लाठीचार्ज कर मामले को शांत किया गया। फिलहाल ढाई घंटे बाद यानी डेढ़ बजे पुलिसवालों के कब्जे में थाना आया। फायर सर्विस की गाड़ी बुलाकर आग बुझाई गई।
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