जेल से छूटने के बाद घर पर पहुंची दंपत्ति पर पट्टीदारों ने धारदार हथियार से हमला कर दिया। घायलों का इलाज सीएचसी पर कराया गया। पीड़ित ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। विवाद की वजह पुलिस की लापरवाही बताई जा रही है।कोतवाली क्षेत्र के रामपुर बछउर गांव निवासी जीतेंद्र सिंह की घरेलू विवाद में चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में परिवार के श्रीप्रकाश, रामश्रृंगार, भूपेन्द्र और कैलाशी देवी समेत अन्य लोग जेल में बंद थे। एक माह पूर्व रामश्रृंगार, उसकी पत्नी कैलाशी देवी और भूपेंद्र को जमानत मिल गई। जेल से छूटने के बाद रामश्रृंगार ने पुलिस को तहरीर देकर घर में दाखिल कराने की मांग की। लेकिन पुलिस समय का अभाव बताते हुए टरकाती रही। इससे रामश्रृंगार अपने रिश्तेदारों के घर कुछ दिनों तक रहा। पुलिस का चक्कर लगाते-लगाते थक चुका रामश्रृंगार अपनी पत्नी कैलाशी देवी के साथ सोमवार की शाम अपने घर साइकिल से पहुंचा। दंपत्ति को देख पट्टीदार बौखला गए और रामश्रृंगार के चेहरे और सिर पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। मारपीट के दौरान कैलाशी देवी को भी चोटें आई है। किसी तरह दंपत्ति वहां से अपनी जान बचाकर भागी। इस बाबत इंस्पेक्टर राअवतार यादव ने बताया कि पंमी, नेहा, इंदू और मीना पर मारपीट का केस दर्ज किया गया है।