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कारोबारी पार्टनर है मोहित, हड़पना चाहता है रुपये

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जिला जेल पहुंची शाइस्ता खान। - फोटो : amar ujala
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देवरिया। माफिया अतीक अहमद से जेल में मुलाकात कर निकली पत्नी शाइस्ता परवीन ने चौंकाने वाली बात कही। उसने मोहित जायसवाल से पारिवारिक व कारोबारी संबंध होने का दावा करते हुए कहा कि मोहित के कारोबार में कई अफसरों व नेताओं केकरोड़ों रुपये लगे हैं। रकम हड़पने के लिए ही उसने ऐसे आरोप लगाए हैं, ताकि कोई उससे पैसा मांगने की हिम्मत न करे। 
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सुबह करीब साढ़े 11 बजे ननद सहला खान और बेटे एजाज के साथ पहुंचीं शाइस्ता ने आधे घंटे तक जेल में अतीक से मुलाकात की। इसके बाद बाहर मीडिया से बातचीत की। शाइस्ता ने इस मामले में सीएम से मिलकर निष्पक्ष जांच की मांग करने की बात भी कही है। उसने कहा कि मोहित और उसके परिवार के संबंध करीब छह वर्षों से है। वह अक्सर उनके घर आता-जाता रहा है। 26 दिसंबर से पहले भी कई बार देवरिया जेल में आकर पूर्व सांसद से मुलाकात कर चुका है। जिसे मोहित अतीक का गुर्गा बता रहा है, उनके अकाउंट से कई बार मोहित को रुपये ट्रांसफर किए गए हैं। करीब छह माह पहले भी पूर्व सांसद के कहने पर मोहित ने घर आकर पैसे लिए। मोहित ने जिस बेटे को आरोपी बताया है वह बाहर रहकर पढ़ाई करता है। 
शाइस्ता ने मोहित के कारोबार में कई मौजूदा व सेवानिवृत्त अफसरों और नेताओं का पैसा लगा होने का दावा किया। हालांकि वह किसी का नाम नहीं बता सकीं। उसने कहा कि यह अधिकारी कमिश्नर व एडिशनल कमिश्नर स्तर तक के हैं। शाइस्ता ने मुख्यमंत्री से मिल कर मोहित की ओर से लगाए गए आरोपों के जांच की मांग करते हुए कहा कि पति को साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। लिहाजा मामले की निष्पक्ष जांच होनी जरूरी है। 
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इनसेट 
जिला कारागार पर पीएसी ने डाला डेरा 
देवरिया। जिला कारागार की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। जेल के बाहर एक प्लाटून पीएसी रविवार की रात से कैंप कर रही है। मुलाकातियों को भी बंदियों से मिलने के लिए कई जगह चेकिंग से गुजरना पड़ा। बंदियों के लिए लोग खाद्य सामग्री लेकर गए लोगों को लौटना पड़ा।   

इनसेट 
40 से अधिक लोग जेल गेट पर कर रहे थे इंतजार 
देवरिया। शाइस्ता परवीन फार्च्यूनर से अपने बेटे और ननद के साथ जिला कारागार पहुंची। गेट पर करीब 40 की संख्या में लोग उनके आने का इंतजार कर रहे थे। गाड़ी से उतरने के बाद करीबियों के साथ गेट पर पहुंची। आईडी कार्ड दिखाने के बाद उन्हें अंदर भेजा गया। बेटे के पास कोई आईडी प्रूफ नहीं था। कुछ देर बाद एक व्यक्ति ने आधार कार्ड लाकर दिया। इसके बाद उसे भी जेल के अंदर भेजा गया।
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