गैस एजेंसी के विवाद में घर का इकलौता चिराग बुझ गया। सुनियोजित तरीके से युवक की हुई हत्या से पिंडी गांव में सनसनी फैल गई। घटना के बाद पट्टीदार घर छोड़ेकर फरार हो गए। बीचबचाव में घायल तीन चचेरे भाइयों का इलाज जिला अस्पताल में हो रहा है।
पिंडी गांव के नरेंद्र और बैजनाथ पट्टीदार हैं। तीन वर्ष पूर्व दोनों ने रसोई गैस एजेंसी के लिए फार्म भरे। नरेंद्र के नाम गैस एजेंसी हो गई। बैजनाथ साझेदारी के लिए नरेंद्र पर दबाव बनाने लगा लेकिन वह राजी नहीं हुए। बैजनाथ ने गैस एजेंसी के मानक पर सवाल खड़ा करते हुए विभागीय अफसरों से शिकायत की और हाईकोर्ट में वाद दाखिल कर दिया। इसी विवाद में गैस एजेंसी आज तक नहीं खुल पाई। कई बार दोनों पक्षों के बीच विवाद भी हुआ। डेढ़ साल पहले एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर सड़कड़ा गांव के पास गोली चलाई थी। पुलिस ने केस भी दर्ज किया था।
देवरिया तहसील में भी मुकदमे की पैरवी के दौरान दोनों पक्ष भिड़ गए थे। रविवार शाम करीब 7 बजे बैजनाथ का इकलौता 20 वर्षीय बेटा सुमित बाइक से उपला लेकर घोठा पर जा रहा था। पट्टीदारों ने लोहे की रॉड और हॉकी से हमला कर दिया। उसकी जान चली गई। चचेरे भाई दिलीप, नीतेश और रामू घायल हो गए। मारपीट के दौरान दूसरे पक्ष के नरेंद्र को भी चोटें आईं हैं। एसओ अंशुमान यदुवंशी ने बताया कि मामला संज्ञान में है।