जन समस्याओं को लेकर प्रदर्शन के दौरान एडीओ पंचायत के साथ दुर्व्यवहार, बंधक बनाने समेत अन्य आरोपों में नामजद मुख्य आरोपी मोनू तिवारी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
कोर्ट ने पेशी के बाद उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। एसपी ने आरोपी मोनू पर एक हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
पुलिस को 25 दिन बाद उसे गिरफ्तार करने में कामयाबी मिली है।
जन समस्याओं और विकास कार्यों में धांधली की मांग को लेकर राष्ट्रीय महिला मोर्चा के ब्लॉक अध्यक्ष प्रेमशीला के नेतृत्व में लोगों ने 28 दिसंबर को ब्लॉक मुख्यालय का घेराव किया था।
कार्यालय में बीडीओ के न होने पर लोगों ने एडीओ पंचायत रमेश चन्द्र तिवारी को बंधक बना लिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और एडीओ पंचायत के बीच कहासुनी भी हुई।
बाद में प्रदर्शनकारियों ने उनको छोड़ दिया। एडीओ पंचायत ने इस मामले में मोनू तिवारी समेत 19 लोगों के खिलाफ दुर्व्यवहार करने, रुपये व सोने का चेन लूटने, सरकारी अभिलेख फाड़ने का केस दर्ज कराया।
प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर ब्लॉक कर्मचारियों के अलावा विकास भवन के कर्मचारियों ने आंदोलन शुरू कर दिया। इसके चलते कई दिनों तक जिले का माहौल गरम रहा।
पुलिस ने नोनापार गांव निवासी, मुख्य आरोपी मोनू तिवारी को नोनापार रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया।
इस बाबत एसओ ने बताया कि एडीओ पंचायत के साथ दुर्व्यवहार, बंधक बनाने समेत अन्य आरोपों में नामजद एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।