आगजनी के बाद मदनपुर थाने में रंगरोगन का कार्य किया जा रहा है।
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रुद्रपुर। मदनपुर में चौथे दिन भी स्कूल और दुकानें नहीं खुलीं। चप्पे-चप्पे पर पुलिस फोर्स तैनात है। सन्नाटा टूटने का नाम नहीं ले रहा है। लोगबाग घटना वाले दिन के हालात को सोचकर सिहर जा रहे हैं। उन्हें पुलिस पर भी भरोसा नहीं है। यही वजह है कि कमजोर तबके के लोगों के पलायन का सिलसिला नहीं रुक रहा है। अब भी अधिकांश घरों में ताले लटके हैं।
उपद्रवियों की धरपकड़ के लिए ताबड़तोड़ छापामारी चल रही है। अब तक 75 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। डीआईजी शिवसागर सिंह मदनपुर में कैंप किए हुए हैं। उनकी निगरानी में सर्च अभियान चल रहा है। मदनपुर में शनिवार को बाजार और दुकानें पूरी तरह बंद रहीं, स्कूल नहीं खुले। दहशतजदा लोग घरों से नहीं निकल रहे हैं। थानाक्षेत्र के दस किलोमीटर के दायरे में चारों ओर पुलिस तैनात कर दी गई है। मठिया से लेकर बरांव तक हर चौराहे पर पुलिस और पीएसी के जवान तैनात हैं।
कोटिया मोहल्ले का लापता रहमतुल्ला का शव राप्ती नदी में मिलने के बाद उपजे विवाद में उन्मादी भीड़ ने थाने को जला दिया था। पुलिस के असलहे और दस्तावेज जला दिए गए थे। उपद्रवी थाना परिसर में खड़ी गाड़ियों को जलाने के बाद कुछ असलहे लूट ले गए। इस घटना ने पुलिस महानिदेशक तक को हिला दिया। डीआईजी ने कहा कि घटना में लिप्त हर शख्स के खिलाफ कार्रवाई हो रही है। मदनपुर में स्थिति पूरी तरह पुलिस के नियंत्रण में है। पुलिस के दावे के बावजूद लोग सहमे हैं। लोग घरों से निकलने में डर रहे हैं।
सिर्फ चाय-पान की दुकानें खुल रही हैं। वह भी पुलिसकर्मी खुलवाते हैं ताकि गैरजनपदों से आए पुलिस और पीएसी के जवानों को चाय-पान की दिक्कत न हो। लोगों में एसपी की कार्यप्रणाली को लेकर काफी नाराजगी है।