पुजारी और शिष्य को बदमाशों ने पीटकर मूर्ति लूट ली।
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बघौचघाट। बिहार के चरखिया मठ का मुख्य दरवाजा तोड़कर बदमाशों ने पुजारी और उनके शिष्य को बंधक बना लिया। पिटाई करने के बाद उन्हें कमरे में बंद कर दिया। मठ में स्थापित राम सीता सहित चार मूर्तियों को लूट ले गए। घटना रविवार की रात साढ़े दस बजे की है। इलाके के लोगों को इसकी भनक तक नहीं लग गई। उच्चाधिकारी मौके पर पहुंच कर हालात का जायजा लिया।
बिहार, गोपालगंज जिले के विजयीपुर थानाक्षेत्र के चरखिया में एक मठ है। जिसके महंत प्रेमचंद्र दास है। मठ में राम, सीता, लक्ष्मन और हनुमान जी की कीमती मूर्तियों को रखा गया था। महंत ने बताया कि रविवार की रात साढ़े दस बजे के करीब आधा बदमाश हथियार लेकर मठ में दाखिल हुए।
सभी ने मुंह को बांध रखा था। उन्होंने मुझे और शिष्य रामू की पिटाई कर एक कमरे में बंद कर दिया। बदमाश सभी मूर्तियों को लूट ले गए। महंत का आरोप है कि बदमाशों ने उन्हें नशीला इंजेक्शन भी लगा दिया।
सुबह होश आने पर पुलिस को सूचना दी गई। इलाके के लोग भी सक्रिय हुए। खबर पाकर लोग मठ में पहुंच गए। दोनों को उपचार के लिए विजयीपुर पीएचसी पर ले जाया गया। मूर्ति काले पत्थर की थी। एसओ विजयीपुर धन्नजय कुमार ने बताया कि महंत ने करोड़ों की मूर्ति लूटे जाने की बात कहीं है, तहरीर मिली है। मठ के पास काफी जमीन है। एक्सपर्ट को बुलाया जा रहा है।
ताकि कीमत का सही आकलन हो सके। जनवरी 2010 में इसी मठ से विष्णु भगवान की मूर्ति चोरी हो गई थी। बघौचघाट पुलिस ने विशुनपुरा बाजार से मूर्ति को बरामद किया था। दो स्थानीय आरोपी भी गिरफ्तार हुए थे। पहली बार भी बदमाशों ने जनवरी का महीना चुना था।