राजाराम हत्या में पुलिस की जांच करीबियों पर आ टिकी है। पुलिसिया जांच की जद में अपने, कारोबारी रिश्ते और संबंधों के बीच आई खटास को पड़ताल का मुख्य केंद्र बनाया गया है। मृतक की डायरी, मोबाइल और लेनदेन करने वालों की खोजबीन की जा रही है। अभी तक कोई ऐसा क्लू नहीं मिला है जिस पर पुलिस दावा पेश कर सके। अलबत्ता जांच में कई बिंदुओं पर विरोधाभास बयान ने पुलिस को तिराहे पर खड़ा कर दिया है। घटना में चोरी के वाहन का प्रयोग होना और दुस्साहस को देखते हुए पुलिस का दावा है कि कत्ल किसी करीबी ने किया और पहचान छिपाने की कोशिश की। एएसपी एनके सिंह, सीओ सुशील सिंह और कोतवाल गोपाल त्रिपाठी ने मृतक के घरवालों से घटना के संबंध में पूछताछ की।कोतवाली, कतरारी के छरिहवां टोला निवासी राजाराम यादव जमीन कारोबारी के साथ रुपये का लेनदेन करते थे। मंगलवार की रात बदमाशों ने दरवाजे पर चढ़कर उन्हें गोली मार दी। घटना के दौरान उनकी बेटियां घर में मौजूद थीं। पत्नी मायके में गई थी। घटनास्थल के पास एक मिली बाइक से पुलिस को उम्मीद थी। लेकिन वह जांच में चोरी की निकली। सलेमपुर में केस भी दर्ज है। जमीन के साथ राजाराम रुपये का लेनदेन करते थे। दो दिन पहले उनका मोबाइल पर किसी से बहस हुआ था। परिवार वालों ने पूछताछ में पुलिस को कई बात बताई लेकिन उलझाऊ रही। पुलिस की जांच में रुपये का लेनदेन और जमीन का कारोबार रहा। कई लोगों से संपर्क पुलिस ने किया। लेकिन बेनतीजा रहा। पुलिस ने राजाराम के कमरे की तलाशी ली। फिर डोमे के तहत पुलिस ने बाकायदा घर के सभी पहलुओं को खंगाल कर कड़ियों को जोड़ने की कोशिश की। चौबीस घंटे बाद पुलिस की जांच में पता चला है कि राजाराम ने उसरा बाजार, रजला, रुद्रपुर में एजेंसी मालिक, सिविल लाइंस रोड के कई दुकानदारों को रुपये दे रखा था। पंद्रह लाख और साठ लाख की जिससे देनदारी की गई थी। पुलिस ने उनसे भी पूछताछ की लेकिन कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई। इसके अलावा जमीन के साथ काम करने वाले लोगों की सूची तैयार की जा रही है। पंद्रह दिन पहले खरीदफरोख्त और देनदारी के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। राजाराम के अलावा पुलिस ने पांच और लोगों का मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगा रखा है। पुलिस की आधी जांच कालडिटेल पर टिकी है। कोतवाल गोपाल त्रिपाठी ने बताया कि अभी तक मामले में कोई प्रगति नहीं है। पूछताछ की गई है। जांच के विभिन्न बिंदुओं पर पड़ताल की जा रही है।