भटनी के छपिया गांव में आग जलती झोपड़ी।
सलेमपुर में डंठल से फैली आग ने रविवार को कई गांवों में तबाही मचाई। आग में जहां 32 लोगों की गृहस्थी जलकर राख हो गई। वहीं एक भैंस भी झुलस गई। वहीं कुंडौली गांव के तरफ आग जाने से कई लोगों को घर छोड़कर हटना पड़ा। फायर ब्रिगेड ने गांव वालों के सहयोग से आग पर काबू पाया। आग में करीब दस लाख रुपये का सामान जलने का अनुमान लगाया जा रहा है।
मईल के अकुबा गांव में दोपहर को किसी ने गेहूं की डंठल में आग लगा दी। हवा के झोकों के साथ आग फैलकर अड़िला, ज्ञानछपरा और पिपरा दवन गांव में चली गई। इसमें ज्ञानछपरा के मुनेश्वर चौहान, विश्वनाथ चौहान, मोहम्मद रोज, मोहम्मद जमील और पिपरा दवन के कमला सिंह की रिहायशी झोपड़ी और पक्का मकान जलकर राख हो गए। इसके बाद आग कुंडौली गांव के तरफ बढ़ गई। कुंडौली टोला के 18 लोगों की रिहायशी झोपड़ी आग में जल गई। आग से बचने के लिए कई लोगों को घर छोड़कर भागना पड़ा। तीन घंटे प्रयास के बाद मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया।
इसके अलावा लार के धरहरा गांव में लगी आग में अवध किशोर, अखिलेश, रामप्यारे धोबी, नथुनी, अवधेश की झोपड़ी जल गई। इसमें रामप्यारे की एक भैंस भी झुलस गई। वहीं खुखुन्दू के परसिया भंडारी गांव में अचानक लगी आग में जनक कुशवाहा, रामजी कुशवाहा और जयप्रकाश की तीन झोपड़ी जल गई। इसमें दो लाख रुपये का सामान नुकसान हुआ है। भटनी के छपिया जयदेव निवासी सुदर्शन की झोपड़ी और खोप भी आग में जल गई। फायर ब्रिगेड के साथ-साथ मुकामी पुलिस भी आग बुझाने में काफी मदद की ।