महिला की जलाकर हत्या किए जाने के तेरह साल पुराने मामले में अपर सत्र न्यायाधीश ने पति, सास और ससुर को कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
घटना के प्रत्यक्षदर्शी रहे मृतका के पांच वर्षीय बेटे (अब 18 साल) की गवाही पर कोर्ट ने यह फैसला दिया। आरोपियों पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अभियोजन के अनुसार गौरीबाजार के लवकनी गांव के जगदीश चौहान ने वर्ष 1990 में अपनी बेटी फूलकुमारी की शादी रामपुर कारखाना के सेखौना के बिजलिहवा टोला के रवींद्र के साथ की थी।
पांच वर्ष के बाद गवना हुआ था। दोनों को एक बेटा यशवंत कुमार और एक बेटी भी हुई। इसके बाद भी रवींद्र, उसके पिता रामधनी और सास कबूतरी देवी दहेज के लिए फूलकुमारी को प्रताड़ित करते थे।
रवींद्र का संबंध गांव की एक दूसरी महिला से भी था। फूलकुमारी इसका विरोध करती थी, जिससे वह उसकी बराबर पिटाई करता रहता था।
इस मामले में मायके वालों ने कई बार पंचायत की थी, लेकिन मामला नहीं बन सका। 20 सितंबर 2002 की रात दस बजे रवींद्र ने फूलकुमारी को जलाकर मार दिया।
पांच वर्ष के यशवंत ने यह सब देखा था। मृतका की मां सुधरा देवी की तहरीर पर केस दर्ज हुआ था। बृहस्पतिवार को अपर सत्र न्यायाधीश ने पति रवींद्र को 10 वर्ष की सजा और 25 हजार रुपये अर्थदंड, सास कबूतरी देवी और ससुर रामधनी को सात-सात वर्ष की सजा और 20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता विजय कुमार यादव ने अभियोजन पक्ष की पैरवी की।