बरहज। विशुनपुर देवार की दलित बस्ती में कच्ची शराब के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची पुलिस को देख भगदड़ मच गई। पुलिस को देख चार लोग सरयू नदी में कूद गए। इसमें एक युवक डूब गया। देर शाम तक उसका पता नहीं लग सका। समाचार लिखे जाने तक गोताखोर उसे तलाश रहे थे। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
शुक्रवार की सुबह आठ बजे प्रभारी निरीक्षक प्रदीप शर्मा फोर्स के साथ दियारा के विशुनपुर देवार के दलित बस्ती में कच्ची शराब के धंधेबाजों की धरपकड़ के लिए छापामारी करने पहुंचे। गांव को पुलिस से घिरा देख वहां अफरातफरी मच गई। लोगों का कहना है कि पुलिस से बचने के लिए लोग खेतों और बंधे के रास्ते सरयू नदी की तरफ भागने लगे। इसी बीच भैंस चरा रहे विशुनपुर देवार के जरलहवा टोला निवासी सुरेंद्र उर्फ निरोही पुत्र किशुन यादव, खेत में काम कर रहे सीताराम पुत्र गनेश, रामाश्रय पुत्र इंद्रजीत और इंद्रजीत पुत्र फूलचंद सरयू नदी में कूद गए।
इनमें से तीन तो तैरकर नदी पार कर गए, जबकि सुरेंद्र का पता नहीं चला। पति के डूबने की खबर मिलते ही सुरेंद्र की पत्नी चनरी देवी दहाड़ें मार रोने लगी। पिता किशुन यादव बदहवास होकर नदी के किनारे बेटे को ढूंढने लगे। इस घटना से छापामारी करने पहुंचे पुलिसकर्मियों के हाथ-पांव फूल गए। गांववालों ने लाठी-डंडे के साथ पुलिस को घेर लिया। सूत्रों की मानें तो बचाव में पुलिस को असलहे लहराने पड़े। हालात से निपटने के लिए चार थानों की पुलिस पहुंच गई। एसडीएम अरुण सिंह ने बताया कि वह और सीओ मौके पर गए थे। गोताखोरों की मदद से डूबे व्यक्ति की तलाश की जा रही है।