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भूख से नहीं, डिहाइड्रेशन से हुई मौत : एसडीएम

Wed, 19 Apr 2017 10:50 PM IST
देवरिया
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बेटी की मौत के बाद कुपोषण की शिकार हुई पानदेवी बिलखती हुई। - फोटो : अमर उजाला
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भागलपुर/मईल। विधवा की बेटी की जान जाने के बाद प्रशासन की नींद खुली। एसडीएम ने प्रत्येक माह कोटे की दुकान से राशन मिलने की बात कहते हुए डिहाइड्रेशन से मौत होने का दावा किया। आनन-फानन में रात को एसडीएम ने राशन उसके घर पहुंचाया और चार हजार रुपये की आर्थिक मदद दी। विधवा प्रत्येक माह कार्ड पर राशन मिलने के दावे को खारिज कर रही है।   
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मईल थाना के इशारू गांव निवासी पानदेवी की 20 वर्षीय बेटी शीला की मौत मंगलवार को सुबह 10 बजे हो गई। इससे नाराज गांववालों ने भूख से मौत का आरोप लगाते हुए गांव के सामने लाश रख सड़क जाम कर दिया। नायब तहसीलदार के आश्वासन पर लोग शांत हुए और युवती की लाश पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। मंगलवार की रात करीब 9.30 बजे पहुंचे सलेमपुर एसडीएम ने दो वक्त की रोटी पाने के लिए जिंदगी से जूझ रही पानदेवी से मुलाकात की। घर के अंदर सिर्फ खाली बर्तन और फटा-पुराना कपड़ा देख एसडीएम ने रात को ही एक क्विंटल गेहूं, एक क्विंटल चावल, 20 किलो चीनी और पांच किलो दाल मंगाकर रखवाया। इसके अलावा चार हजार रुपये आर्थिक मदद दी।

वहीं प्रशासन के बीच मजबूत पैठ रखने वाला दूसरे के नाम से कोटे की दुकान चलाने वाले दबंग के बचाव में प्रशासन लग गया है। एसडीएम ने गांववालों की बोर से लगाए गए आरोप को खारिज करते हुए डिहाइड्रेशन से युवती की मौत होने की बात कही है, जबकि अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आना बाकी है। पानदेवी ने बताया कि समाजवादी पेंशन कुछ दिनों तक मिला। इसके बाद बंद हो गया। विधवा या वृद्धा पेंशन नहीं मिलता है।
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पति रामकेवल राही के नाम से राशन कार्ड था। उनके मौत के बाद राशन की दुकान चलाने वाले दबंग ने उसे रख लिया। इसके बाद मेरे नाम से अभी तक राशन कार्ड नहीं बन सका। एसडीएम जयप्रकाश ने बताया कि वास्तव में पानदेवी आर्थिक तंगी से जूझ रही हैं। इसकी बेटी की मौत डिहाइड्रेशन से हुई है। प्रत्येक माह राशन मिलता है।

पारिवारिक सहायता योजना के तहत मिलने वाला लाभ पीड़ित परिवार को दिया जाएगा। आर्थिक तंगी और दोनों वक्त भोजन नहीं मिलने से कमजोर पानदेवी आंखों में आंसू लिए बताईं कि आज तक उसके नाम से राशन कार्ड नहीं बना है। कोटेदार मर्जी से राशन देता था। जो दस दिन में ही खत्म हो जाता था। बेटी की मरने के बाद आए साहब ने राशन और कुछ रुपये दिए हैं।
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