देवरिया। शराब के धंधे में संलिप्तता और रिश्वत लेने की पुष्टि में सस्पेंड दरोगा सहित पांच पुलिसवालों की गिरफ्तारी कभी भी हो सकती है। प्रारंभिक जांच में शराब कारोबारी के साथ दरोगा की होटल में मीटिंग के फुटेज, कई नंबरों से शराब कारोबारियों के बीच बातचीत, भीमपुर के शराब कारोबारी रामाश्रय से संबंध उजागर होने पर इस बात की संभावना बढ़ गई है।
हिरंदापुर राइस मिल में सांद्र अल्कोहल पकड़े जाने के बाद पुलिस की पड़ताल में पता चला कि चौरीचौरा के कारोबारी अरुण जायसवाल ने इलाके में शराब का पार्टनर रामपुर कारखाना निवासी रविन्द्र जायसवाल को बनाया है। मिल में टैंकर के पहुंचते ही क्राइम ब्रांच ने पकड़ लिया और धंधेबाजों से दस लाख रुपये रिश्वत लेकर गाड़ी छोड़ दी। लेकिन एसपी ने इस खेल सार्वजनिक कर दिया।
जिसके बाद दरोगा विकास यादव, सिपाही विनय वर्मा, योगेंद्र, घनश्याम और रवि को सस्पेंड कर बर्खास्तगी की कार्रवाई शुरू कर दी गई। इधर, खार खाए सस्पेंड दरोगा विकास यादव ने साथी पुलिसकर्मियों के साथ एक वीडियो बनाकर उच्चाधिकारियों को मैसेज कर एसपी को बदनाम करने की कोशिश की।
एएसपी की जांच में भ्रष्टाचार की पुष्टि सभी को केस में शामिल कर लिया गया। इस बाबत एसपी प्रभाकर चौधरी ने कहा कि पूरे मामले में पुलिस के पास पूरा साक्ष्य है। विवेचना चल रही है। गिरफ्तारी कभी ही हो सकती है।